जमालपुर की इस व्यस्त सड़क पर शाम होते ही छा जाता है अंधेरा, स्ट्रीट लाइट बंद होने से राहगीरों की बढ़ी परेशानी

जमालपुर में स्ट्रीट लाइटों के बंद होने से रात में गहरा अंधेरा छा जाता है, जिससे लोगों की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं. रखरखाव की कमी के कारण शहर के कई हिस्से अंधेरे में डूब जाते हैं, खासकर फुलका जमालपुर मार्ग पर. बारिश के मौसम में यह समस्या और गंभीर हो जाती है, जिससे जहरीले जीवों का खतरा बढ़ जाता है.

जमालपुर शहर में रात के अंधेरे से लोगों को राहत देने के लिए वर्ष 2021 से पहले नगर परिषद क्षेत्र के विभिन्न वार्डों में दूधिया रोशनी वाली स्ट्रीट लाइट लगाई गई थी. लेकिन रखरखाव और मेंटेनेंस के अभाव में कई इलाकों की लाइटें अब सिर्फ बिजली के खंभों की शोभा बढ़ा रही हैं. सबसे अधिक परेशानी फुलका जमालपुर मार्ग पर देखने को मिल रही है, जहां शाम ढलते ही सड़क का बड़ा हिस्सा अंधेरे में डूब जाता है.

6 नंबर गेट से फुलका गुमटी तक अंधेरे में सफर

जमालपुर स्टेशन से 6 नंबर गेट तक का सड़क हिस्सा रेलवे के क्षेत्राधिकार में आता है. इसके बाद 6 नंबर गेट से फुलका गुमटी तक का मार्ग नगर परिषद जमालपुर के क्षेत्र में है. इसके बावजूद इस हिस्से में स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था लंबे समय से बदहाल है.

6 नंबर गेट से शिव साई धाम तक कुछ इक्का-दुक्का स्ट्रीट लाइट जलती नजर आती हैं, लेकिन इसके आगे फुलका नगर परिषद सीमा तक अधिकांश लाइटें बंद पड़ी हैं. स्थिति यह है कि रात में वाहनों की हेडलाइट ही राहगीरों के लिए रोशनी का मुख्य सहारा बन जाती है.

सामने से आती तेज रोशनी बन रही बुजुर्गों के लिए मुसीबत

अंधेरी सड़क पर सामने से तेज रोशनी में वाहन आने पर बुजुर्ग राहगीरों और वाहन चालकों को सड़क साफ दिखाई नहीं देती. इससे दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है.

स्थानीय लोगों के अनुसार यह स्थिति पिछले कई महीनों से बनी हुई है. महत्वपूर्ण सड़क मार्ग होने के कारण देर रात तक यहां वाहनों और पैदल राहगीरों की आवाजाही जारी रहती है.

बारिश में बढ़ा जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा

बारिश के मौसम ने समस्या को और गंभीर कर दिया है. स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क किनारे कई जगह झाड़ियां और जंगल जैसा वातावरण बना हुआ है.

डीएवी पब्लिक स्कूल के आसपास सड़क के पूर्वी हिस्से में झाड़-झंखाड़ होने के कारण सांप और बिच्छू जैसे जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा बना रहता है. अंधेरा होने के कारण पैदल चलने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतनी पड़ती है.

राहगीरों का कहना है कि रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था होने से न केवल सड़क पर आवागमन सुरक्षित होगा, बल्कि आसपास के क्षेत्रों में मौजूद खतरों का भी समय रहते पता चल सकेगा.

जमालपुर-मुंगेर मार्ग के बाद महत्वपूर्ण सड़क

स्थानीय लोगों के अनुसार यह सड़क जमालपुर-मुंगेर मुख्य मार्ग के बाद शहर के महत्वपूर्ण और व्यस्त मार्गों में शामिल है. इसका इस्तेमाल जमालपुर नगर परिषद क्षेत्र के लोगों के साथ-साथ धरहरा प्रखंड के हजारों लोग भी करते हैं.

ऐसे में सड़क पर लंबे समय से स्ट्रीट लाइट बंद रहने को लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ रही है.

पूजा का मौसम आने से पहले दुरुस्त हो व्यवस्था

स्थानीय लोगों का कहना है कि करीब एक महीने बाद पूजा का उत्सव शुरू हो जाएगा. उस दौरान बाजार और सड़कों पर लोगों की आवाजाही काफी बढ़ जाएगी. ऐसे में अंधेरी सड़क पर दुर्घटना और अन्य परेशानियों का खतरा और बढ़ सकता है.

लोगों ने नगर परिषद प्रबंधन से स्ट्रीट लाइट के साथ तिरंगा लाइट को भी दुरुस्त कराने की मांग की है, ताकि त्योहारों के दौरान लोगों को बेहतर रोशनी और सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके.

सरकार से मिली थी एलईडी स्ट्रीट लाइट की स्वीकृति

जानकारी के अनुसार नगर परिषद क्षेत्र में स्ट्रीट लाइट की सुविधा पहले एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड के माध्यम से उपलब्ध कराई गई थी. इसके बाद बिहार सरकार के नगर विकास एवं आवास विभाग की ओर से नगर परिषद जमालपुर को एलईडी स्ट्रीट लाइट लगाने और उनके मेंटेनेंस कार्य के लिए पिछले वर्ष स्वीकृति दी गई थी.

इसके बावजूद महत्वपूर्ण सड़क के कई हिस्सों में लाइटें बंद रहना व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है.

कहते हैं जिम्मेदार

नगर परिषद जमालपुर के कार्यपालक पदाधिकारी विजयशील गौतम ने बताया कि नगर परिषद क्षेत्र में खराब पड़ी लाइटों को यथाशीघ्र दुरुस्त कराया जाएगा.


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लेखक के बारे में

By विजय कुमार गुप्ता

विजय कुमार गुप्ता 20 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. ये सामाजिक, राजनीतिक और आपराधिक नब्ज को करीब से समझते हैं. इन्हें डिजिटल मीडिया में नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल के साथ प्रयोग करना बेहद पसंद है.

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