तारापुर : विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले में सुल्तानगंज से जल भरकर बाबाधाम जाने वाले कांवरियों के लिए बंशीपुर से बिहमा की ओर निकलने वाली रिंग रोड इन दिनों राह की सहूलियत के साथ विश्राम का सहारा भी बन गई है. गोगाचक के पास निर्माणाधीन पुल अभी पूरी तरह तैयार नहीं हुआ है, लेकिन कांवरिया पथ पर पड़ने के कारण यह श्रद्धालुओं के लिए अस्थायी ठिकाने में बदल गया है.
पुल की छांव में मिटा रहे थकान
कड़क धूप और लंबी पैदल यात्रा से थके कांवरिया पुल के नीचे और आसपास की जगह पर प्लास्टिक बिछाकर विश्राम कर रहे हैं. कई श्रद्धालु यहीं रुककर भोजन बनाने और चाय-पानी की व्यवस्था भी कर रहे हैं.
श्रद्धालुओं का कहना है कि लंबी यात्रा के दौरान कुछ देर आराम करने के लिए पर्याप्त छांव और ठिकाना मिलना बड़ी राहत है. उनका कहना है कि कुछ समय विश्राम करने के बाद वे फिर अपनी मंजिल बाबाधाम की ओर रवाना हो जाते हैं.
अधूरा निर्माण बना राहत का सहारा
श्रद्धालुओं ने कहा कि भीषण गर्मी और लगातार पैदल चलने के बाद पुल की छांव उनके लिए राहत का जरिया साबित हो रही है. निर्माणाधीन ढांचे के आसपास कांवरियों का रुकना इन दिनों आम दृश्य बन गया है.
हालांकि निर्माणाधीन स्थल होने के कारण यहां सुरक्षा व्यवस्था और आवश्यक सावधानियों की जरूरत भी महसूस की जा रही है, ताकि विश्राम के दौरान किसी तरह की अप्रिय घटना न हो.
