मुंगेर के मॉडल अस्पताल में शुरू हुई हाईटेक हब लैब, अब 87 तरह की जांच एक ही छत के नीचे

Munger Health News : मुंगेर मॉडल अस्पताल में अत्याधुनिक पैथोलॉजिकल प्रयोगशाला 'हब लैब' का शुभारंभ किया गया है. इससे मरीजों को महंगी जांचों के लिए निजी पैथोलॉजी केंद्रों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा. फिलहाल 87 प्रकार की जांचें उपलब्ध हैं, जिन्हें जल्द ही 187 तक बढ़ाया जाएगा.

Munger Health News : मुंगेर मॉडल अस्पताल के ओपीडी भवन में बुधवार को पीपीपी मोड के तहत 'हब एवं स्पोक मॉडल' पर आधारित अत्याधुनिक पैथोलॉजिकल प्रयोगशाला (हब लैब) का शुभारंभ किया गया. मेयर कुमकुम देवी, सिविल सर्जन डॉ. राजू, अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. रमन, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. मो. फैजउद्दीन तथा जदयू जिलाध्यक्ष सौरभ निधि ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर एवं फीता काटकर इस सुविधा का उद्घाटन किया.

अब निजी लैब पर निर्भरता होगी कम

सिविल सर्जन डॉ. राजू ने बताया कि आधुनिक हब लैब शुरू होने से मरीजों को महंगी जांचों के लिए निजी पैथोलॉजी केंद्रों पर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. अस्पताल परिसर में ही एक ही छत के नीचे विभिन्न प्रकार की जांचें उपलब्ध कराई जाएंगी. इससे मरीजों का समय और खर्च दोनों की बचत होगी तथा सरकारी स्वास्थ्य सेवाएं पहले से अधिक सुलभ बनेंगी.

फिलहाल 87 जांच, जल्द मिलेगी 187 टेस्ट की सुविधा

अस्पताल प्रशासन के अनुसार फिलहाल प्रयोगशाला में 87 प्रकार की प्राथमिक और जटिल जांच शुरू कर दी गई हैं. इनमें ब्लड टेस्ट, यूरिन जांच, थायरॉइड प्रोफाइल, लिवर फंक्शन टेस्ट (एलएफटी), किडनी फंक्शन टेस्ट (केएफटी), लिपिड प्रोफाइल समेत कई महत्वपूर्ण जांचें शामिल हैं. आने वाले समय में चरणबद्ध तरीके से कुल 187 प्रकार की स्वास्थ्य जांचों की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी.

पूरे जिले के अस्पतालों को मिलेगा लाभ

सिविल सर्जन ने बताया कि सदर अस्पताल में स्थापित यह हब लैब जिले का मुख्य जांच केंद्र होगा. जिले के सभी अनुमंडल अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और अन्य सरकारी अस्पतालों से मरीजों के रक्त एवं अन्य नमूने एकत्र कर हब सेंटर भेजे जाएंगे. वहां आधुनिक मशीनों से जांच कर रिपोर्ट तैयार की जाएगी. इससे जांच प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित और तेज होगी.

मोबाइल और ईमेल पर मिलेगी जांच रिपोर्ट

हब एंड स्पोक मॉडल के तहत तैयार होने वाली जांच रिपोर्ट मरीजों द्वारा उपलब्ध कराए गए मोबाइल नंबर या ईमेल आईडी पर भेजी जाएगी. साथ ही संबंधित स्वास्थ्य केंद्रों को भी रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि चिकित्सक समय पर मरीजों का उपचार शुरू कर सकें. स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि इस नई व्यवस्था से मरीजों को बेहतर और समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी तथा सरकारी अस्पतालों में जांच सुविधाओं की गुणवत्ता भी मजबूत होगी.


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लेखक के बारे में

अमित झा प्रिंट माध्यम में 06 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. सामाजिक कार्यों, शिक्षा, राजनीति व खेल में रुचि रखते हैं.

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