मुंगेर : मुंगेर में स्वास्थ्य विभाग की ओर से 14 से 26 सितंबर तक परिवार नियोजन सेवा पखवाड़ा चलाया जा रहा है, लेकिन जिला स्तर पर अब तक इसका औपचारिक शुभारंभ नहीं हो सका है. इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं. खास बात यह है कि परिवार नियोजन कार्यक्रम में जिले का प्रदर्शन पहले भी लक्ष्य के अनुरूप नहीं रहा है.
परिवार नियोजन पखवाड़ा के तहत 7 से 13 सितंबर तक दंपती संपर्क सप्ताह चलाया गया था. इस दौरान योग्य दंपतियों को परिवार नियोजन के स्थायी और अस्थायी साधनों के प्रति जागरूक किया गया. वहीं, 14 से 26 सितंबर तक चल रहे सेवा पखवाड़ा में योग्य लाभुक महिलाओं का बंध्याकरण और पुरुषों की नसबंदी की जानी है.
जिला स्तर पर नहीं हुआ औपचारिक शुभारंभ
आमतौर पर परिवार नियोजन सेवा पखवाड़ा की शुरुआत जिला मुख्यालय स्तर पर कार्यक्रम आयोजित कर की जाती है. इसके माध्यम से लोगों को परिवार नियोजन के महत्व और उपलब्ध सेवाओं की जानकारी दी जाती है. लेकिन इस बार 14 सितंबर से पखवाड़ा शुरू होने के बावजूद जिला स्तर पर इसका औपचारिक उद्घाटन नहीं किया गया है.
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि पखवाड़ा निर्धारित समय के अनुसार जिले में शुरू हो चुका है और सभी प्रखंडों को लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिये गये हैं.
600 महिलाओं के बंध्याकरण और पुरुष नसबंदी का लक्ष्य
राज्य स्तर से मुंगेर जिले को परिवार नियोजन सेवा पखवाड़ा के दौरान कुल 600 महिलाओं के बंध्याकरण और पुरुष नसबंदी का लक्ष्य दिया गया है. सभी प्रखंडों को अधिक से अधिक योग्य लाभुकों को परिवार नियोजन सेवाओं से जोड़ने का निर्देश दिया गया है.
सिविल सर्जन डॉ राजू ने बताया कि परिवार नियोजन सेवा पखवाड़ा 14 सितंबर से जिले में शुरू हो चुका है. सभी प्रखंडों को निर्धारित लक्ष्य पूरा करने के लिए अधिक से अधिक योग्य महिला और पुरुष लाभुकों को पखवाड़ा से जोड़ने का निर्देश दिया गया है. उन्होंने कहा कि अन्य स्वास्थ्य कार्यक्रमों के कारण जिला स्तर पर इसका औपचारिक उद्घाटन नहीं हो पाया है.
पिछले पखवाड़े में लक्ष्य का सिर्फ 23% हुआ था हासिल
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2026-27 के पहले परिवार नियोजन पखवाड़ा का आयोजन 11 से 31 जुलाई तक किया गया था. इस दौरान जिले में निर्धारित लक्ष्य का महज 23 प्रतिशत ही हासिल किया जा सका था.
ऐसे में सितंबर में चल रहे दूसरे परिवार नियोजन सेवा पखवाड़ा के दौरान निर्धारित लक्ष्य को पूरा करना स्वास्थ्य विभाग के लिए चुनौती होगी. विभाग की ओर से सभी प्रखंडों को लाभुकों तक पहुंच बढ़ाने और परिवार नियोजन सेवाओं का लाभ दिलाने पर जोर दिया जा रहा है.
