Munger news : बाढ़ ने मचायी तबाही, घरों में चूल्हा-चौका बंद, भोजन पर भी आफत

Munger news : मुंगेर शहरी क्षेत्र के कई इलाकों को बाढ़ ने अपनी चपेट में ले लिया है. लोगों के घरों में पानी घुस आया है.

Munger news : मुंगेर में गंगा खतरे के निशान से 57 सेमी ऊपर बह रही है. इसके कारण गांव से लेकर शहर तक पानी ही पानी नजर आ रहा है. लोगों के घर व दलान में पानी घुसने से चूल्हा-चौका बंद हो गया है और भोजन पर आफत है. एनएच-80 पर बोचाही, कलारामपुर, कल्याणपुर और घोरघट में बाढ़ का पानी एक फीट तक हो गया है. शहर का लालदरवाजा मुख्य मार्ग बाढ़ के पानी में डूब गया है. इसके कारण आवागमन में जहां परेशानी हो रही है, वहीं स्थानीय लोग काफी परेशान हैं.

गंगा का जलस्तर 39.89 मीटर पर पहुंचा

मुंगेर में गंगा का जल स्तर 39.90 मीटर पर पहुंच गया है, गंगा डेंजर लेवल से 57 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है. मुंगेर में प्रतिघंटा एक सेंटीमीटर जल स्तर में वृद्धि हो रही है. केंद्रीय जल आयोग की मानें, तो गंगा के जल स्तर में अभी वृद्ध जारी रहेगी. हालांकि पटना में गंगा का जल स्तर स्थिर हो गया है. संभावना है कि रविवार से मुंगेर में भी गंगा का जल स्तर स्थिर हो जायेगा. पर जल स्तर में गिरावट होने की कोई संभावना नहीं है.

शहरी क्षेत्र में बाढ़ ने मचायी तबाही

मुंगेर शहरी क्षेत्र के कई इलाकों को बाढ़ ने अपनी चपेट में ले लिया है. लोगों के घरों में पानी घुस आया है. इसके कारण शहरवासियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. वार्ड नंबर एक, वार्ड नंबर दो और वार्ड नंबर तीन को बाढ़ ने अपनी गिरफ्त में ले लिया है. गंगा से सटे रहने के कारण ये तीनों वार्ड बुरी तरह प्रभावित हुए हैं.लालदरवाजा पूरा क्षेत्र बाढ़ के पानी से घिर गया है.लालदरवाजा पावर हाउस, मिर्ची तालाब, धोबी टोला, न्यू कॉलोनी, जागो साह गली, सोना सिंह गली, लालदरवाजा मेन रोड, दुर्गा स्थान रोड, दलहट्टा बाजार मस्जिद रोड, यूपी वर्मा इंटर कॉलेज समेत अन्य हिस्सों में बाढ़ का पानी घरों में घुस गया है. वार्ड नंबर 32 व 33 के लल्लू पोखर, गोढ़ी टोला, सहनी टोला, मगही बेलन बाजार, विषहरी स्थान सहित अन्य क्षेत्रों में घरों में पानी घुस गया है. इधर चुआबाग, चंदन बाग, भूदान, चांय टोला, करबल्ला, मोकबीरा, हेरूदियारा का इलाका भी जलमग्न हो गया है. इन क्षेत्रों में घरों में पानी घुसने के कारण चूल्हा-चौका बंद पड़ गया है. खास कर गरीब परिवारों के समक्ष खाने-पीने की समस्या उत्पन्न हो गयी है. सबसे अधिक परेशानी पेयजल को लेकर हो रही है. इसके कारण दूषित पानी लोगों को पीना पड़ रहा है.

वाहनों के परिचालन से लोग परेशान

बाढ़ का पानी लालदरवाजा की मुख्य सड़क पर दो से तीन फीट ऊपर बह रहा है. यह मार्ग एक नंबर गुमटी- आइटीसी का मुख्य मार्ग है. इससे होकर बड़े वाहनों का परिचालन लगातार होता है. एक तो लालदरवाजा के घरों में पानी घुसने से लोग पहले से ही परेशान हैं, दूसरी ओर बड़े वाहनों और तेज रफ्तार चार चक्का वाहन के चलने से पानी का ढेब घरों में अचानक घुस आने से लोग परेशान हैं. प्रशासनिक स्तर पर अगर इस मार्ग में वाहनों के रफ्तार को नियंत्रित नहीं किया गया तो कभी भी विधि व्यवस्था की समस्या उत्पन्न हो सकती है.

पॉलीथीन व सूखा राशन वितरित किया जा रहा

जिला आपदा पदाधिकारी कुमार अभिषेक ने बताया कि शहरी क्षेत्र में जहां भी लोग प्रभावित हैं, वहां पर सूखा राशन का वितरण किया जा रहा है. पानी के लिए टैंकर भी भेजा जा रहा है. ग्रामीण क्षेत्रों में जिलाधिकारी के निर्देश पर सीओ व बीडीओ के माध्यम से पॉलीथीन शीट्स और सूखा राशन का लगातार वितरण किया जा रहा है. पशु चारे का भी वितरण शुरू कर दिया गया है. पूरे बचाव व राहत वितरण का कार्य जिलाधिकारी की देखरेख में चल रहा है.

सीताकुंड व चंडीस्थान में पूजा-पाठ बंद

बाढ़ ने शहर से लेकर गांव तक कई धार्मिक स्थलों को अपनी चपेट में ले लिया है. शहर का प्रसिद्ध मां चंडिका मंदिर पूरी तरह से पानी से घिर गया है. मंदिर का गर्भ गृह पूरी तरह से पानी से पैक हो गया है. बाढ़ के पानी ने विवाह मंडप, चबुतरा, विश्राम स्थल को अपनी गिरफ्त में ले लिया है. सदर प्रखंड के प्रसिद्ध पर्यटक व धार्मिक स्थल सीताकुंड पूरी तरह से जलमग्न हो गया है.सीताकुंड के पांचों कुंड, परिसर समेत मेला स्थल व पार्क में पानी घुस गया है. इसके कारण श्रद्धालुओं का आना-जाना बंद हो गया है.

डीएम ने लिया जायजा, बांटी राहत सामग्री

जिलाधिकारी अवनीश कुमार सिंह ने बरियारपुर एवं सदर प्रखंड के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया. डीएम ने सैकड़ों परिवारों के बीच इन दोनों प्रखंडों में पॉलीथीन शीट्स्, सूखा राशन का भी वितरण कराया. जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन पूरी मुस्तैदी के साथ बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बाढ़ प्रभावितों के बीच पॉलीथीनशीट्स् एवं सूखा राशन का वितरण किया जा रहा है. गंगा पार के पंचायतों में अधिकारियों को तैनात किया गया है.एसडीआरएफ की टीम को लगाया गया है, जो लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रहा है. पशुओं के लिए चारे की भी व्यवस्था की गयी है. इधर बबुआ घाट पर पशुपालकों के बीच चारे का वितरण किया गया.

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