मुंगेर में किसान मोर्चा का सरकार पर बड़ा हमला, व्यापार समझौते से लेकर परमाणु संयंत्र तक उठीं कई मांगें

Munger Farmers Protest: मुंगेर में देशव्यापी प्रतिवाद दिवस के तहत किसानों और खेत मजदूरों ने समाहरणालय पहुंचकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा. उन्होंने कृषि, शिक्षा, भूमि अधिग्रहण और परमाणु संयंत्र जैसे मुद्दों पर सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है.

Munger Farmers Protest: देशव्यापी प्रतिवाद दिवस के तहत मुंगेर में किसानों और खेत मजदूरों ने समाहरणालय पहुंचकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा. प्रदर्शन के दौरान कृषि, शिक्षा, भूमि अधिग्रहण और परमाणु संयंत्र जैसे मुद्दों पर सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की गई.

देशव्यापी आह्वान पर मुंगेर में किसानों का प्रदर्शन

संयुक्त किसान मोर्चा के देशव्यापी आह्वान पर बुधवार को मुंगेर में अखिल भारतीय प्रतिवाद दिवस आयोजित किया गया. ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन की मुंगेर इकाई के बैनर तले बड़ी संख्या में किसान और खेत मजदूर स्टेशन रोड से जुलूस निकालते हुए समाहरणालय पहुंचे. यहां प्रतिनिधिमंडल ने अपर समाहर्ता को विभिन्न मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा. आंदोलन का संयुक्त नेतृत्व कृष्णदेव साह, रवीन्द्र मंडल, नारायण यादव और गीता साव ने किया.

व्यापार समझौते पर सरकार को घेरा

संगठन के राज्य सचिव कृष्णदेव साह ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ किसानों का संघर्ष जारी रहेगा. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रस्तावित अमेरिका-भारत व्यापारिक समझौता भारतीय किसानों के हितों के विपरीत है. उनका कहना था कि इस तरह के समझौते से कृषि क्षेत्र पर विदेशी कॉर्पोरेट कंपनियों का प्रभाव बढ़ेगा और छोटे व मध्यम किसानों की आजीविका संकट में पड़ सकती है. उन्होंने आम जनता, किसानों और युवाओं से आंदोलन को मजबूत बनाने की अपील भी की.

शिक्षा और छात्रों के मुद्दे पर भी उठी आवाज

प्रदर्शन के दौरान आंदोलनकारियों ने शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए आरोप लगाया कि छात्रों के भविष्य से जुड़े गंभीर सवालों पर सरकार संवेदनशीलता नहीं दिखा रही है. प्रदर्शनकारियों ने छात्रों की बढ़ती आत्महत्या की घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की आवश्यकता बताई.

परमाणु संयंत्र और भूमि अधिग्रहण का विरोध

प्रदर्शन में बांका में प्रस्तावित बिजली परमाणु संयंत्र का भी विरोध किया गया. संगठन का कहना था कि इस प्रकार की परियोजनाएं स्थानीय आबादी, पर्यावरण और कृषि भूमि के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती हैं. साथ ही स्मार्ट सिटी परियोजनाओं के नाम पर किसानों की उपजाऊ जमीन का अधिग्रहण किए जाने का भी विरोध किया गया. आंदोलनकारियों ने मांग की कि किसानों की सहमति के बिना भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तत्काल बंद की जाए.

आंदोलन जारी रखने की चेतावनी

ज्ञापन सौंपने के बाद किसान नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं करती है तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा. उन्होंने कहा कि किसानों, मजदूरों और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर संगठन लगातार लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष करता रहेगा.


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लेखक के बारे में

राणा गौरी शंकर प्रिंट माध्यम में 32 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत दैनिक आज से की. अभी प्रभात खबर के मुंगेर कार्यालय में कार्यरत हैं. सामाजिक सरोकार, अपराध, शिक्षा, राजनीतिक खबरों में रुचि रखते हैं.

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