मुंगेर शहर में आज भी चचरी पुल के सहारे आवाजाही करते हैं लोग

मुंगेर एक ऐसा शहर है, जहां विकास के इस दौर में आज भी बेलन बाजार बंगाली टोला के सैकड़ों लोग चचरी पुल के सहारे जान जोखिम में डाल कर आवाजाही करते हैं.

मुंगेर. मुंगेर एक ऐसा शहर है, जहां विकास के इस दौर में आज भी बेलन बाजार बंगाली टोला के सैकड़ों लोग चचरी पुल के सहारे जान जोखिम में डाल कर आवाजाही करते हैं. स्थिति तब और अधिक बिगड़ जाती है, जब बाढ़ व बारिश के समय इस आउट फॉल में पानी भर जाता है और चचरी पुल को पार करना मुश्किल हो जाता है.

20 वर्षों से चचरी पुल के सहारे आवागमन कर रहे लोग

मुंगेर नगर निगम के वार्ड संख्या-31 में है बेलन बाजार बंगाली टोला. इस टोला से होकर एक बड़ा नाला गुजरा है, जिसकी चौड़ाई आठ फीट और गहराई 10 फीट से अधिक है. बड़ा नाला के उस पार लगभग 20 से अधिक परिवार अपना घर गंगा किनारे बना कर पूरे परिवार के साथ रहते हैं. लोग बड़े नाले पर चचरी पुल बना कर पिछले 20 वर्षों से आवाजाही कर रहे हैं. बड़े नाले से होकर जाने के लिए लोगों ने एक ही जगह पर दो-दो चचरी पुल (बांस-बल्ली से बना पुल) के सहारे आवागमन कर रहे. स्थानीय लोगों की मानें तो प्रति वर्ष बाढ़ के समय यह पुल ध्वस्त हो जाती है. बाढ़ खत्म होने पर पुन: आपस में चंदा कर चचरी पुल बनाते हैं और वहां बसे शहरवासी आवागमन करते हैं. हाल यह है कि किसी तरह इस मुहल्ले में साइकिल व मोटर साइकिल चचरी पुल के सहारे पहुंचती है. बीमार लोगों को कंधे या खटिया पर उठा कर पुल पार कर लोग मुख्य बंगाली टोला पहुंचते हैं और बीमार को इलाज के लिए वाहनों से अस्पताल लेकर जाते हैं.

कहते हैं मुहल्लेवासी

बड़े नाले के उस पार गंगा किनारे बसे बंगाली टोला निवासी जीवछ कुमार सिंह, किसो महतो, रामविलास सिंह, सुनीता देवी, साधना देवी, पवन सिंह ने बताया कि इस टोला में 20 से अधिक परिवार अपना घर बना कर परिवार के साथ रहते हैं. मुहल्ले से निकलने का एक मात्र रास्ता नाले पर बना 10 फीट का चचरी पुल है. वार्ड पार्षद सरस्वती देवी से कई बार नाले पर पुल बनाने का अनुरोध किया गया, लेकिन पुल बनाने की दिशा में कोई कार्रवाई नहीं होती है. गुरुवार को जब विधायक कटाव निरोधी कार्य का निरीक्षण करने पहुंचे तो वे भी इसी चचरी पुल से होकर वहां पहुंचे. विधायक से भी चचरी पुल के स्थान पर पुल निर्माण कराने की मांग हमलोगों ने की है. नाले के उस पर आबादी बसी हुई है, जिसके आने-जाने का रास्ता चचरी पुल है. नगर निगम की ओर से यहां पर पुल निर्माण के लिए निविदा भी पिछले माह निकाली गयी थी, लेकिन संवेदक ने इसमें भाग नहीं लिया, जिसके कारण निगम प्रशासन पुर्ननिविदा की प्रक्रिया कर रही है.

सरस्वती देवी, वार्ड पार्षद

चचरी पुल से होकर आवागमन में जनता को काफी दिक्कत हो रही है. सबसे बड़ी विडंबना है कि नगर निगम क्षेत्र में आज भी चचरी पुल बना कर लोग आते-जाते हैं. जनसुविधा का ख्याल रखते हुए नगर निगम बोर्ड की बैठक में भी इस मुद्दे को रखेंगे. शीघ्र ही पुल का निर्माण कराया जायेगा, ताकि इस मुहल्ले के लोगों का आवागमन सुरक्षित और सुगम बनाया जा सके.

प्रणव कुमार यादव, विधायकB

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Published by: Birendra kumar sing

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