ASI हत्याकांड में लापरवाह SHO समेत 4 पुलिसकर्मी निलंबित, DIG का बड़ा एक्शन

ASI Santosh Kumar Singh Murder Case: मुंगेर के नंदलालपुर गांव में दो पक्षों में हुई झड़प में बीच-बचाव करते समय एएसआई संतोष कुमार सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए थे. उन्हें पटना के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई.

ASI Santosh Kumar Singh Murder Case: मुंगेर जिला के मुफस्सिल थाना के सहायक पुलिस अवर निरीक्षक संतोष कुमार सिंह हत्याकांड में जहां एक ओर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी पति-पत्नी सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया है. वहीं मुफस्सिल के थानाध्यक्ष चंदन कुमार सहित चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है. डीआइजी राकेश कुमार ने जमादार संतोष कुमार हत्याकांड में मुफस्सिल थानाध्यक्ष चंदन कुमार को कर्तव्य के प्रति लापरवाह रहने के कारण तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है.

डीआइजी ने बताई वजह

डीआइजी राकेश कुमार ने कहा कि नंदलालपुर गांव से उस उपद्रवी परिवार द्वारा उपद्रव करने की सूचना लगातार मिल रही थी. बावजूद थानाध्यक्ष इसके प्रति लापरवाह बने रहे. जिसके कारण उसे निलंबित कर दिया गया.

एसपी ने भी लिया एक्शन

डीआइजी के कड़े रूख को देखते हुए उनके निर्देश पर एसपी सैयद इमरान मसूद ने थाना में उस समय ओडी ड्यूटी में तैनात महिला पुलिस पदाधिकारी, डायल 112- के चालक एवं एक सिपाही को भी तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया. क्योंकि उनके साथ गयी पुलिसकर्मी ने उनको बचाने का प्रयास नहीं किया. जबकि ओडी ड्यूटी में तैनात महिला पुलिस पदाधिकारी ने घायल सौरभ की शिकायत पर कार्रवाई करने के बदले बिना किसी वरीय पुलिस पदाधिकारी को बताये थाना से उसे वापस भेज दिया था.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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