निगम ने 24 घंटे में अस्थाई व 15 दिनों में स्थाई अतिक्रमण हटाने का दिया था सख्त निर्देश
मुंगेर. नगर निगम प्रशासन शहर को अतिक्रमण मुक्त करने को लेकर नोटिस निर्गत कर रहा है. जिसमें नोटिस निर्गत के 24 घंटे में अस्थाई अतिक्रमण तो 15 दिनों में स्थाई अतिक्रमण हटाने का सख्त निर्देश दिया गया था. जिसमें अर्थदंड का भी प्रावधान शामिल किया गया है, लेकिन 24 घंटे के बदले अस्थाई अतिक्रमण हटाने की मियाद खत्म होने के 96 घंटे बाद भी निगम प्रशासन न तो अस्थाई अतिक्रमण हटाने को लेकर निकली और न ही अर्थदंड वसूली की प्रक्रिया शुरू की, लेकिन नोटिस थमाने का सिलसिला अब भी जारी है.निगम के नोटिस का भी नहीं दिख रहा असर
नगर निगम प्रशासन की ओर से पांच फरवरी से निगमकर्मी घूम-घूम कर अतिक्रमणकारियों को नोटिस थमाने का कार्य प्रारंभ किया. जिसमें अस्थाई अतिक्रमणकारियों के लिए जारी नोटिस में कहा गया है कि नोटिस निर्गत के 24 घंटे के पश्चात अतिक्रमण मुक्त करने की कार्रवाई की जायेगी, जबकि पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी अधिरोपित किया जायेगा, लेकिन इस नोटिस का भी अस्थाई अतिक्रमणकारियों पर कोई असर नहीं पड़ा. मुख्य बाजार एक नंबर ट्रैफिक से लेकर गांधी चौक तक आज भी फुटपाथ व चौक-चौराहों पर अस्थाई अतिक्रमण बरकरार है. यह बात सही है कि कुछ स्थानों से प्लास्टिक सीट को हटा लिया गया है, लेकिन दुकानें आज भी सज रही है. बेकापुर, कोतवाली रोड, इंदिरा गांधी चौक पर आज भी दुकानें सजती है. साइकिल पट्टी के मोड़ और बाटा मोड़ पर पूर्व की तरह ही अस्थाई अतिक्रमण बरकरार है. पूरे शहर में कमोवेश यहीं स्थिति बनी हुई है. पांच फरवरी गुरुवार को 33 और शुक्रवार को 72 अतिक्रमणकारियों को नोटिस थमाया गया था, जिसको चार दिन बीत चुका है, लेकिन न तो अतिक्रमण हटा और न ही अर्थदंड वसूली की प्रक्रिया शुरू हो पाई. विदित हो कि पूर्व में अतिक्रमण मुक्ति अभियान जब चलता था तो अतिक्रमणकारियों से 100-200 जुर्माना वसूल किया जाता है, जिसके कारण एक तरफ से अतिक्रमण हटता था और दूसरी तरफ से अतिक्रमण पुन: कब्जा करना शुरू कर देता था. आज भी यही स्थिति बनी हुई है.अब 15 दिनों के अल्टीमेटम का इंतजार कर रहे लोग
निगम प्रशासन का 24 घंटे में अस्थाई अतिक्रमण हटाने की घोषणा हवा-हवाई हो गयी. अब लोगों को 15 दिनों के अल्टीमेटम का इंतजार है. क्योंकि निर्गत नोटिस में निगम प्रशासन ने नोटिस निर्गत के 15 दिनों में स्थाई अतिक्रमण हटाने को कहा गया है. जिसमें यह भी कहा गया है कि 15 दिन बाद जब निगम अतिक्रमण हटाएगी तो उस पर आने वाले खर्च के साथ ही 20 हजार रूपये अर्थदंड अधिरोपित करने की बात कही गयी. अब लोग इस इंतजार पर है शायद एक ही साथ 15 दिन बीतने पर अस्थाई व स्थाई अतिक्रमण हटाने को लेकर निगम प्रशासन अभियान चलाये.सदर अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा मजिस्ट्रेट बहाल होने और पुलिस बल उपलब्ध होते ही बलपूर्वक अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की जायेगी. न सिर्फ अतिक्रमण हटाया जायेगा, बल्कि ऐसे अतिक्रमणकारियों से अधिरोपित किया गया अर्थदंड व अतिक्रमण हटाने पर आने वाले खर्च की राशि भी वसूल की जायेगी.
पार्थ गुप्ता, नगर आयुक्त
सोमवार को भी अतिक्रमणकारियों को थमाया गया नोटिस
मुंगेर. शहर को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए निगम प्रशासन की ओर से सोमवार को भी अभियान चलाया गया. शहर के बेकापुर किराना पट्टी से नोटिस थमाने का काम शुरू हुआ, जो लोहा पट्टी, गुलजार पोखर, नीलम चौक, आजाद चौक तक चला. टीम को देखकर दुकानदार आनन-फानन में अपना सामान समेटते नजर आये. सोमवार को कुल 64 अतिक्रमणकारियों को नोटिस निर्गत किया गया.बताया गया कि गुरुवार से अतिक्रमणकारियों को नोटिस थमाने का अभियान निगम प्रशासन ने शुरू किया है. गुरुवार को पहले दिन 33, शुक्रवार को 72 और सोमवार को 64 अतिक्रमणकारियों को नोटिस थमाया गया. इस नोटिस में भी पूर्व की तरह अस्थायी अतिक्रमण करने वालों को 24 घंटे के भीतर अतिक्रमण हटाने, तय समय सीमा के बाद अतिक्रमण पाए जाने पर पांच हजार रुपये जुर्माना वसूला और स्थायी अतिक्रमण करने वालों को 15 दिन में अतिक्रमण हटाने का अल्टीमेटम दिया और नहीं हटाने पर 20 हजार रुपये जुर्माने के साथ अतिक्रमण हटाने का पूरा खर्च भी संबंधित दुकानदारों से करने की बात लिखित हुई है. अभियान में सिटी मैनेजर मनोज भारती, चंदन कुमार, अतिक्रमण प्रभारी दिनेश कुमार, रोड जमादार विश्वनाथ सहित अन्य शामिल थे.
