मुंगेर. टेटियाबंबर प्रखंड के बदरघट्टा गांव में गेहूं फसल की वास्तविक पैदावार का आकलन करने के लिए कृषि विभाग द्वारा क्रॉप कटिंग का कार्य शुरू कर दिया गया है. यह प्रक्रिया प्रगतिशील किसान वकील मंडल के खेत में फसल कटाई कर प्रारंभ की गयी. बताया गया कि किसानों के खेतों में लगी फसल को क्रॉप कटिंग के माध्यम से प्रति हेक्टेयर औसत उत्पादन का वैज्ञानिक अनुमान लगाया जाता है, इससे पूरे क्षेत्र की फसल उपज का सटीक आंकड़ा तैयार किया जाता है. किसान सलाहकार विभाकर वेणीपुष्प और प्रकाश कुमार सिंह ने बताया कि यह प्रक्रिया सरकारी स्तर पर फसल उत्पादन के मूल्यांकन का अहम आधार है. इसी के आधार पर कृषि योजनाओं का निर्माण और आपदा की स्थिति में मुआवजा निर्धारण किया जाता है. उन्होंने किसानों से आधुनिक व वैज्ञानिक खेती तकनीकों को अपनाने की अपील की. स्थानीय किसानों ने इस पहल को उपयोगी बताते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करने की मांग की. अधिकारियों के अनुसार प्रखंड के अन्य गांवों में भी क्रॉप कटिंग कराई जायेगी. जिसके बाद पूरे क्षेत्र की गेहूं उत्पादन स्थिति का समग्र आंकड़ा तैयार किया जायेगा. मौके पर प्रेम मंडल, प्रमोद मंडल, वकील मंडल, कपिल मंडल और साहब मंडल सहित स्थानीय किसान मौजूद थे.
गेहूं फसल की क्रॉप कटिंग शुरू, उपज का किया गया आकलन
टेटियाबंबर प्रखंड के बदरघट्टा गांव में गेहूं फसल की वास्तविक पैदावार का आकलन करने के लिए कृषि विभाग द्वारा क्रॉप कटिंग का कार्य शुरू कर दिया गया है.
