मॉडल अस्पताल के गेट पर महिला ने अपने चौथे बच्चे को ई-रिक्शा पर दिया जन्म
गर्भवती के पति गुंजेश कुमार ने बताया कि घर पर ही उसकी पत्नी को प्रसव पीड़ा हो गया था
By AMIT JHA | Updated at :
मुंगेर
मुंगेर जिले में सुरक्षित प्रसव को लेकर जिला स्वास्थ्य जहां प्रधानमंत्री सुरक्षित प्रसव आश्वासन कार्यक्रम चला रहा है. वही मार्च से परिवार नियोजन पखवाड़ा भी चला रहा है, लेकिन रविवार को मॉडल अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड के गेट पर जो नजारा देखने को मिला. उसने जिले में सुरक्षित प्रसव और परिवार नियोजन दोनों कार्यक्रमों पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है. रविवार को मॉडल अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड के गेट पर ही जहां अस्पताल आने के दौरान एक गर्भवती ने ई-रिक्शा पर ही बच्चे को जन्म दे दिया. वहीं गर्भवती का यह चौथा बच्चा है.
ई-रिक्शा पर ही बच्चे को दिया जन्म
दरअसल रविवार को मॉडल अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड के गेट पर दोपहर के समय एक ई-रिक्शा आकर लगी. जिसपर चंडिका स्थान निवासी गुंजेश कुमार की 27 वर्षीय पत्नी सोनम कुमारी दर्द से परेशान थी. इस दौरान जैसे ही इमरजेंसी वार्ड के गेट पर ई-रिक्शा लगा. उसी समय सोनम कुमारी का प्रसव हो गया और उसने पुत्र को जन्म दिया. गर्भवती के पति गुंजेश कुमार ने बताया कि घर पर ही उसकी पत्नी को प्रसव पीड़ा हो गया था. जिसके बाद आनन-फानन में ई-रिक्शा से उसे लेकर अस्पताल पहुंचे. जहां ई-रिक्शा पर ही बच्चा हो गया. जिसके बाद अस्पताल के स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा उसे और बच्चे को वार्ड ले जाया गया. गुंजेश कुमार ने बताया कि वह मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता है. उसे पहले से ही एक पुत्र और दो पुत्री है. जबकि यह उसका चौथा बच्चा है.
सुरक्षित प्रसव और परिवार नियोजन कार्यक्रम पर बड़ा सवाल
जिला स्वास्थ्य विभाग जहां सुरक्षित प्रसव को लेकर लगातार आशा की मदद से गर्भवतियों को अस्पताल आने-जाने सहित अन्य सुविधाओं के लिये मॉनिटरिंग करने का निर्देश दिया गया है. वही सोनम का अस्पताल ई-रिक्शा से आना और गेट पर ही बच्चे का जन्म होना सुरक्षित प्रसव कार्यक्रम पर बड़ा सवाल खड़ा करता है. इतना ही नहीं स्वास्थ्य विभाग द्वारा पूरे साल में चार परिवार नियोजन पखवाड़ा चलाया जाता है. जिसमें दो या उससे अधिक बच्चे वाले दंपत्तियों को चिन्हित कर उसे परिवार नियोजन के लिये प्रेरित करने का दावा करता है, लेकिन सवाल यह है कि जब वित्तीय वर्ष 2025-26 में अबतक तीन परिवार नियोजन पखवाड़ा हो चुका है और मार्च 2026 से चौथा परिवार नियोजन पखवाड़ा होना है. ऐसे में योग्य दंपत्तियों तक स्वास्थ्य विभाग कितना पहुंच रहा है. यह सोनम को हुये चौथे बच्चे से ही समझा जा सकता है.
पहले भी सामने आ चुका है ऐसा मामला
सोमन को रविवार को ई-रिक्शा पर हुआ चौथा बच्चा ही केवल स्वास्थ्य विभाग के सुरक्षित प्रसव और परिवार नियोजन पखवाड़ा पर सवाल खड़ा नहीं कर रहा, बल्कि इससे पहले भी ऐसा मामला सदर अस्पताल में आ चुका है. बता दें कि 28 जनवरी को भी तौफिर गांव के रहने वाले लालू कुमार की पत्नी कविता कुमारी ने अपने चौथे बच्चे को इमरजेंसी वार्ड के गेट पर ही ई-रिक्शा में जन्म दे दिया था. इसके अतिरिक्त 14 अगस्त 2025 को भी सदर प्रखंड के जाफरनगर निवासी दिलीप सिंह की पत्नी अनीता देवी ने अस्पताल आने के दौरान ऑटो में ही अपने तीसरे बच्चे को जन्म दे दिया था.
कहते हैं सिविल सर्जन
सिविल सर्जन डॉ राजू ने बताया कि गर्भवतियों के लिये एंबुलेंस की सेवा 24×7 रहती है. यदि किसी को जरूरत हो तो वह 102 पर कॉल कर एंबुलेंस मंगा सकते हैं. उन्होंने बताया कि जच्चा-बच्चा दोनों सुरक्षित है.