मुंगेर
गंगा में मछली मारने वाले मछुआरों पर इन दिनों दबंगों का कहर बढ़ गया है. कहीं गंगा में मछली मारने से मछुआरों को रोका जा रहा है, तो कहीं हफ्ता वसूली की जा रही है. रंगदारी नहीं देने पर उनके साथ मारपीट किया जाता है और डेगी व जाल तक दबंग बंधक बना ले रहे है. यह मामला अब तुल पकड़ने लगा है. मछुआरों की शिकायत पर बुधवार को वीआईपी पार्टी प्रमुख सन ऑफ मल्लाह मुकेश सहनी न सिर्फ पीड़ित मछुआरों से मिले, बल्कि गंगा में मछली मारने वाले मछुआरों को सुरक्षा प्रदान करने के लिए पुलिस अधीक्षक सैयद इमरान मसूद से मिले.मुकेश सहनी ने पत्रकारों से बताया कि लालू प्रसाद ने अपने शासन काल में ही मछुआरों के लिए गंगा में मछली मारने को लेकर गंगा को फ्री कर दिया था. ताकि मछुआरे समाज के लोग गंगा में मछली मार अपनी आजीविका और परिवार का भरण पोषण कर सके. लेकिन दबंगों द्वारा गंगा में अवैध रूप से मछली मारना और मछुआरों को गंगा में मछली नहीं मारने देने को लेकर डराया- धमकाया जा रहा है. हाल के दिनों हेमजापुर में भी मछुआरों को गंगा में दबंग द्वारा मछली मारने नहीं दिया जा रहा है.
मछुआरों का आरोप रंगदारी नहीं देने पर की जाती है मारपीट
हेमजापुर के मछुआरा बादल सहनी, रामचंद्र सहनी, गुदन चौधरी, कंपनी सहनी, गणेश सहनी, लाछो सहनी, पारो सहनी सहित अन्य ने कहा कि शिवकुंड से लेकर बाहाचौकी तक नदी धरहरा अंचल के अंतर्गत पड़ता है. जो उनके क्षेत्राधिकार में आता है. हमलोग मछुआ समाज अपना जाल गिराकर मछली मारते है और उसी से हमलोगों के परिवार का भरण पोषण होता है. लेकिन जब हमलोग जाल लेकर मछली मारने जाते है तो परौरा और हरदयाल टोला के दबंग मछली मारने से मना करते है और धमकी देते है कि जान से मार देंगे. 9 जनवरी को भी उनलोगों ने हरवे हथियार के साथ पहुंचे और जाल खिंचने लगे तथा मछुआरों के साथ मारपीट भी किया और जाल भी फाड़ दिया. धमकी दिया है कि अगर नदी में मछली मारना है तो हमलोगों को प्रत्येक महीना 11 हजार रूपया रंगदारी दो.
कहते हैं पुलिस अधीक्षक
पुलिस अधीक्षक सैयद इमरान मसूद ने बताया कि इस बात की जानकारी पुलिस को है और घटना स्थल पर अंचलाधिकारी के नेतृत्व में पुलिस टीम को भी भेजा गया था. रिपोर्ट आने पर कार्रवाई की जायेगी. तत्काल वहां इस मामले में कई प्रिवेंटिव एक्शन पुलिस द्वारा लिया गया है. ताकि मछुआरों को गंगा में मछली मारने में कोई परेशानी न हो.
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