नगर निगम ने पारित किया 355.57 करोड़ आय व 355.52 करोड़ व्यय का बजट, 5.40 लाख होगा मुनाफा

महिलाओं को पिंक बस की सवारी कराने के लिए 1.67 करोड़ व पिंक शौचालय के लिए 44 लाख का किया गया प्रावधान

मुंगेर. नगर निगम बोर्ड की बैठक सोमवार को नगर भवन में आयोजित हुई. इसमें वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए बजट पेश किया. मेयर कुमकुम देवी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में 5 लाख 40 हजार 866 रुपये लाभ का बजट पेश किया गया. इसे सदस्यों ने ध्वनिमत से पारित कर दिया. अगले वित्तीय वर्ष के लिए 3 अरब 55 करोड़ 57 लाख 85 हजार 495 रुपये आय का लक्ष्य रखा गया है. जबकि अनुमानित व्यय 3 अरब 55 करोड़ 52 लाख 44 हजार 629 रुपये निर्धारित है. बैठक में मुंगेर के विधायक प्रणव कुमार यादव सहित अन्य मौजुद थे.

होल्डिंग टैक्स से सर्वाधिक 9.58 करोड़ आय का अनुमान

नगर निगम ने जो बजट पेश किया है, उसमें आंतरिक संसाधनों से प्राप्त होने वाले अनुमानित आय को दर्शाया है. इसमें सर्वाधिक 9 करोड़ 58 लाख 13 हजार 808 रुपये आय होल्डिंग टैक्स से होने का प्रावधान किया गया है. जबकि टॉवर टैक्स से 1 करोड़ 63 लाख 88 हजार 867 रुपये व डोर टू डोर कचरा संग्रहण शुल्क से 1 करोड़ 70 लाख 6 हजार 877 रुपये आय प्राप्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. साथ ही स्टांप ड्यूटी कर के तौर पर 7 करोड़ 80 लाख 17 हजार 580 रुपये व प्रोफेशनल टैक्स (सेवा कर ) से 1 करोड़ 8 लाख 8 हजार 182 रुपये वसूली का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. इसके अतिरिक्त आंतरिक संसाधनों से प्राप्त होने वाले आय और सरकार से मिलने वाले अनुदान व अन्य मद से मिलने वाले राशि को आय के रूप में दर्शाया गया है.

55.76 करोड़ रुपये रोड व नाला निर्माण पर खर्च करेगा निगम

निगम प्रशासन वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए बजट में जो खर्च का प्रावधान किया है. इसमें सर्वाधिक 55 करोड़ 76 लाख 91 हजार 304 रुपये शहर के 45 वार्ड में रोड व नाला निर्माण पर खर्च करने का प्रावधान किया है. जबकि मुख्य सड़क पर एलईडी लाईट व्यवस्था पर 4.53 करोड़, पुअर हाउस निर्माण पर 8.53 करोड़, डिलक्स शौचालय निर्माण पर 1.32 करोड़, सम्राट अशोक भवन निर्माण पर 1.84 करोड़ रुपये खर्च का प्रावधान किया है. निगम प्रशासन ने शहर के मुख्य स्थानों पर सीसीटीवी लगाने पर 1.9 करोड़, शहर के मुख्य द्वार पर वेलकम बोर्ड लगाने पर 1.26 करोड़ रुपये खर्च का प्रावधान किया गया है. निगम ने कचरा निष्पादन के लिए एमआरएफ साइड बनाने का निर्णय लिया है. इस पर 9.87 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रावधान रखा है.

मरम्मत व जीर्णोद्धार पर मोटी राशि खर्च करेगा निगम

निगम प्रशासन ने बजट में मरम्मत व जीर्णोद्धार पर मोटी राशि खर्च करने का प्रावधान किया है. एक ओर जहां नगर भवन के मरम्मती व रखरखाव पर 1.1 करोड़ रुपये खर्च का प्रावधान किया है, वहीं नगर निगम मुंगेर के भवन जीर्णोद्धार पर 1.84 करोड़, राजा बाजार पर 2.44 करोड़, कौड़ा मैदान बाजार पर 1.92 करोड़, पुल-पुलिया पर 2.10 करोड़, सड़क पर 1.32 करोड़, पानी की आपूर्ति पर 1.20 करोड़, पार्क के रखरखाव व मरम्मती पर 1.1 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रावधान किया गया है. विदित हो कि राजा बाजार व कौड़ा मैदान बाजार का भवन पूरी तरह से जर्जर है. इसे निगम ने तोड़ कर नया मल्टीकॉप्लेक्स बाजार का रूप देने के लिए पूर्व में निर्णय लिया था, लेकिन अब इसकी मरम्मत व रखरखाव का प्रावधान किया है. जो पैसों की बर्बादी होगी.

तालाबों का होगा सौंदर्यीकरण, पिंक बस चलाने पर जोर

बजट में बसंती तालाब के सौंदर्यीकरण पर 2.17 करोड़ तो मिर्ची तालाब के सौंदर्यीकरण पर 1.49 करोड़ खर्च करने का प्रावधान किया गया है. जबकि राजा-रानी तालाब में साउंड सिस्टम और फाउंटेन की व्यवस्था पर 4.98 करोड़ रुपये खर्च किया जायेगा. महिलाओं के लिए पिंक बस चलाने का प्रावधान बजट में किया गया है. जिस पर 1.67 करोड़ खर्च का प्रावधान किया गया है. जबकि डिलक्स शौचालय निर्माण पर 1.32 करोड़ खर्च का प्रावधान किया गया है.

मेंटेनेस समेत अन्य मद में अधिक राशि खर्च पर विधायक ने जतायी आपत्ति

मुंगेर. नगर निगम के चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में मेंटेनेंस सहित कई अन्य मदों में अधिक बजटीय प्रावधान पर मुंगेर के विधायक प्रणव कुमार यादव ने बैठक में आपत्ति व्यक्त की. उन्होंने कहा कि मेंटेनेंस मद में जहां पिछले वित्तीय वर्ष में 44.27 करोड़ रुपये का प्रावधान था. वहीं इस बार 46.48 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. जो सिर्फ मेंटेनेंस मद में 2.20 करोड़ रुपये अधिक है. उन्होंने कहा कि बजट में नगर निगम ने अपने संसाधन के मरम्मत व मेंटेनेंस पर जहां पिछले वित्तीय वर्ष में 16.65 करोड़ रुपये खर्च किया था. वहीं उसे बढ़ाकर इस बार 17.48 करोड़ रुपये कर दिया गया है. उन्होंने कहा कि कई अन्य मदों में भी खर्च में बेतहाशा वृद्धि की गयी है. नगर निगम के ऑफिस खर्च से लेकर अन्य सुविधाओं में अधिक राशि का प्रावधान किया गया है. जबकि नागरिक सुविधा के विस्तार के दिशा में नगर निगम का कार्य अबतक बेहतर नहीं हो पा रहा है. उन्होंने कहा कि सरकारी भवनों से टैक्स वसूली में भी नगर निगम का कार्य संतोषजनक नहीं है. जबकि आम जनता पर टैक्स का बोझ बढ़ाया जाता रहा है. निगम बोर्ड की बैठक में उन्होंने यह सुझाव भी दिया कि नगर निगम अपने खाली पड़े स्थलों को चिन्हित कर वहां बाजार व स्टॉल के माध्यम से जहां लोगों को स्वरोजगार का साधन उपलब्ध कराये. वहीं अपने आय में भी वृद्धि कर सकता है. उन्होंने निगम बजट में तीर्थ कर और मनोरंजन कर पर भी आपत्ति जतायी.

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By Birendra kumar sing

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