जमालपुर. पूर्व रेलवे के मालदा डिवीजन अंतर्गत किऊल-जमालपुर-भागलपुर रेलखंड पर मंगलवार को ट्रेनों का परिचालन प्रभावित रहा. कामाख्या से दिल्ली जाने वाली 15658 अप कामाख्या-दिल्ली ब्रह्मपुत्र मेल करीब 8.30 घंटे विलंब से चल रही है. मंगलवार सुबह 8 बजे तक यह ट्रेन न्यू जलपाईगुड़ी भी नहीं पहुंच पायी थी.
ब्रह्मपुत्र मेल के जमालपुर पहुंचने का निर्धारित समय सुबह 9:14 बजे है. कामाख्या-दिल्ली ब्रह्मपुत्र मेल को न्यू जलपाईगुड़ी से जमालपुर तक करीब 460 किलोमीटर की दूरी तय करनी है. ऐसे में ट्रेन के अपराह्न 3 बजे के बाद ही जमालपुर पहुंचने की संभावना जतायी गयी. ट्रेन के अत्यधिक विलंब से चलने के कारण यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है.
कई अन्य ट्रेनें भी घंटों लेट
मंगलवार को 08646 डाउन रांची-भागलपुर स्पेशल ट्रेन भी अपने निर्धारित समय से करीब ढाई घंटे विलंब से चल रही थी. इस ट्रेन का जमालपुर पहुंचने का निर्धारित समय सुबह 4:50 बजे है.
इसी तरह हावड़ा से गया जाने वाली 13023 अप हावड़ा-गया एक्सप्रेस करीब दो घंटे लेट रही. ट्रेन के जमालपुर पहुंचने का निर्धारित समय सुबह 5:25 बजे है, जबकि यह ट्रेन 7:24 बजे जमालपुर पहुंची. वहीं, 03029 अप हावड़ा-नटेश्वर स्पेशल एक्सप्रेस करीब डेढ़ घंटे विलंब से चल रही थी. इसका जमालपुर पहुंचने का निर्धारित समय सुबह 7:32 बजे है, जबकि यह ट्रेन करीब 8 बजे भागलपुर पहुंच पायी.
13334 डाउन पटना-दुमका एक्सप्रेस भी करीब दो घंटे विलंब से चल रही थी. जमालपुर से प्राप्त अधिकृत जानकारी के अनुसार सुबह 8 बजे तक यह ट्रेन पटना जंक्शन से ही रवाना नहीं हो पायी थी.
कनेक्टिंग ट्रेन छूटने से बढ़ रही यात्रियों की परेशानी
ट्रेनों की लगातार लेटलतीफी के कारण रेल यात्रियों की परेशानी बढ़ गयी है. जमालपुर में यात्रियों ने बताया कि ट्रेन के देर से पहुंचने के कारण अक्सर उनकी कनेक्टिंग ट्रेन छूट जाती है. इसके बाद दूसरी ट्रेन का इंतजार करना काफी परेशानी भरा हो जाता है. खासकर लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को इससे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है.
बाढ़ के पानी के कारण घटायी गयी ट्रेनों की रफ्तार
किऊल-जमालपुर-भागलपुर रेलखंड पर बाढ़ के पानी के रेल पटरी तक पहुंचने के कारण सुरक्षा की दृष्टि से ट्रेनों की गति कम कर दी गयी है. प्रभावित हिस्से में ट्रेनों को प्रिकॉशन के आधार पर अधिकतम 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलाया जा रहा है.
सामान्य दिनों में इस रेलखंड पर ट्रेनों की रफ्तार 110 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहती है. बाढ़ के पानी के कारण ट्रेनों की गति में भारी कमी आने से परिचालन समय प्रभावित हो रहा है और इसका सीधा असर यात्रियों की यात्रा पर पड़ रहा है.
