मुंगेर से राणा गौरी शंकर की रिपोर्ट
Bhagwat Katha: प्रसन्नडो गांव इन दिनों भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर है. सात दिवसीय श्रीमद भागवत कथा और राधा-कृष्ण प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव में दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं. कथा पंडाल में गूंज रहे भजन और वैदिक मंत्र पूरे वातावरण को भक्तिमय बना रहे हैं.
वैदिक मंत्रों के बीच चल रहा प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान
आचार्य राकेश पांडे के सानिध्य में उपाचार्य दिनेश शास्त्री, कुंदन पांडे, हरिद्रानंद एवं अभिमन्यु पांडे द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ राधा-कृष्ण प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा से संबंधित धार्मिक कर्मकांड संपन्न कराया जा रहा है. पूरे मंदिर परिसर में मंत्रों की गूंज और धार्मिक अनुष्ठानों का वातावरण बना हुआ है.
भगवान के अवतारों का किया वर्णन
कथावाचक शिवकुमार वेदपाठी ने श्रीमद भागवत कथा के दौरान भगवान विष्णु के विभिन्न अवतारों का वर्णन करते हुए कहा कि जब-जब धर्म की हानि और अधर्म की वृद्धि होती है, तब भगवान विभिन्न रूपों में अवतरित होकर धर्म की स्थापना करते हैं. उन्होंने श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का प्रसंग सुनाते हुए श्रद्धालुओं को धर्म, भक्ति और सदाचार का संदेश दिया.
भजनों से भक्तिमय हुआ वातावरण
कथा के दौरान पवन शास्त्री एवं रत्नेश मिश्रा द्वारा प्रस्तुत भजन “नंद के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की” और “यशोमती मैया से बोले नंदलाला” ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया. भजनों की मधुर प्रस्तुति से पूरा पंडाल भक्तिरस में डूब गया.
घर-घर बांटा गया प्रसाद
पूर्व शाखा प्रबंधक मोहन झा की ओर से गांव के प्रत्येक घर में लड्डू प्रसाद वितरित किया गया. वहीं केशव सिंह सिकरवार ने भी कथा में प्रसाद समर्पित किया. आयोजन समिति के अनुसार 24 जून को राधा-कृष्ण प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा, 24 घंटे का रामधुन, 56 भोग एवं विशेष प्रसाद वितरण का कार्यक्रम आयोजित होगा.
बड़ी संख्या में जुट रहे श्रद्धालु
महोत्सव में मुख्य यजमान दीपक सिंह एवं पूनम सिंह के अलावा उषा देवी, विनीता सिंह, पुतुल देवी, रामप्रवेश सिंह, शंभू शरण सिंह समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण और धर्मानुरागी श्रद्धालु उपस्थित होकर धार्मिक अनुष्ठानों में भाग ले रहे हैं.
