चंडिका स्थान मंदिर में पॉलिथीन पर प्रतिबंध, शहर के प्रमुख स्थान पर लगेगा होल्डिंग व फ्लैक्स

मंदिर प्रांगण में प्लास्टि के बदले वैसे थैले और दोने के प्रयोग का निर्णय लिया गया

– चंडिका स्थान में गुणवत्तायुक्त प्रसाद की होगी बिक्री, साफ-सफाई का रखा जायेगा विशेष ख्याल

मुंगेर

चंडिका मंदिर परिसर में बुधवार को मां चंडिका स्थान धार्मिक न्यास समिति की बैठक समिति के अध्यक्ष सह जिलाधिकारी निखिल धनराज की अध्यक्षता में संपन्न हुई. बैठक में मंदिर के चहुमुखी विकास सहित अन्य मुद्दों पर चर्चा हुई और कई अहम निर्णय लिए गये. मौके समिति के सचिव सौरव निधि सहित अन्य वरीय अधिकारी एवं पंडा उपस्थित थे.

बैठक में मंदिर परिसर में साफ-सफाई की व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने, पूरे मंदिर परिसर एवं आस पास के जोन को प्लास्टिक मुक्त जोन घोषित करने का निर्णय लिया गया. साथ ही मंदिर प्रांगण में माता को चढ़ने वाले प्रसाद के गुणवत्ता को बढ़ाने तथा गुणवत्तायुक्त प्रसाद बिक्री का निर्णय लिया गया. मंदिर प्रांगण में प्लास्टि के बदले वैसे थैले और दोने के प्रयोग का निर्णय लिया गया, जिस पर मां चंडिका का चित्र के साथ एक स्कैनर भी बना रहे. ताकि स्कैनर के सहारे लोग मंदिर के इतिहास सहित अन्य सभी आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सके. मंदिर के प्रसिद्धि सहित लोगों को और अधिक सूचना उपलब्ध कराने के लिए रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड सहित शहर के विभिन्न प्रमुख स्थलों पर मां चंडिका स्थान की पूरी सूचना से संबंधित होल्डिंग व फ्लैक्स अधिष्ठापन का निर्णय लिया गया. इसके साथ ही श्रृंगार पूजा के लिए मंदिर एवं माता की सज्जा में उपयोग होने वाले फूल की व्यवस्था के लिए समिति को भेंडर रखने की सहमति दी गयी. मंदिर सुरक्षा के लिए सुरक्षा गार्ड रखने का निर्णय लिया गया. साथ ही माता चंडिका के फोटोयुक्त फ्रेम का स्टाॅल लगाने तथा श्रद्धालुओं के चप्पल जूता के रख-रखाव के लिए अलग से चप्पल-जूता स्टैंड संचालित करने का निर्णय लिया गया.

मंदिर व्यवस्था की नियमावली का लगेगा बोर्ड

जिलाधिकारी ने कहा कि मंदिर व्यवस्था की नियमावली का एक बड़ा सा बोर्ड मंदिर परिसर में लगाया जाय. जिस पर माता के दर्शन सहित अन्य सभी प्रकार की पूरी जानकारी उपलब्ध रहे. मंदिर में श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए प्रातः (4ः30 से 6ः00 बजे तक) श्रृंगार तथा संध्या श्रृंगा पूजा (8ः00 से श्रद्धालुओं के रहने तक) के पश्चात श्रद्धालुओं के लिए मंदिर का पट खुला रहेगा. जिस दौरान श्रद्धालु निःशुल्क माता का दर्शन कर सकेंगे. इसके बाद उन्हें 500 रूपये की रसीद कटवाने के पश्चात ही दर्शन पर सहमति बनी. इसके अलावे मंदिर के श्रृंगार पूजा के लिए एक और बड़े एलईडी टीवी संस्थापित करने का निर्णय लिया गया.

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By BIRENDRA KUMAR SING

BIRENDRA KUMAR SING is a contributor at Prabhat Khabar.

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