गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान झंडोत्तोलन के बाद कुलपति प्रो संजय कुमार ने किया उद्बोधन
मुंगेरकिसी विश्वविद्यालय के विकास के लिए कई आयाम होते हैं. मुंगेर विश्वविद्यालय ने कुछ आयाम में अपनी राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है. एनएसएस के 50 वालंटियर ने राष्ट्रीय एकता शिविर ,एडवेंचर कैंप, रिपब्लिक डे कैंप, नेशनल जल जीवन मिशन के शोध कार्य, एनएसएस कन्वेंशन इत्यादि सहभागिता कर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई हैं. सीबीसीएस के 4 वर्षीय पाठ्यक्रम में एईसी- 4 के अंतर्गत एनएसएस के सिलेबस निर्माण में विश्वविद्यालय की अग्रणी भूमिका रही है. उक्त बातें देश के 77 वें गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान झंडोत्तोलन के बाद कुलपति प्रो संजय कुमार ने अपने उद्बोधन में कही.
कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय स्तर पर एक कैलेंडर जारी किया जाएगा. जिसमें सभी विभाग, कीड़ा परिषद, सांस्कृतिक परिषद् एवं एनएसएस का एक संयुक्त कार्यक्रम हेतु कैलेंडर होगा. जिसका अनुपालन करना अनिवार्य होगा. उन्होंने खेल गतिविधियों को सक्रिय करने के लिए प्रत्येक कॉलेज को वेबसाइट पर खेल कैलेंडर जारी करने के लिए निर्देश दिया. इसके अतिरिक्त विश्वविद्यालय के सभी सीनेटर को विश्वविद्यालय की समस्याओं के समाधान में सहयोग के लिए अपेक्षा की और वर्तमान वर्ष में मुंगेर विश्वविद्यालय के भवन के शिलान्यास हेतु सकारात्मक विचार प्रकट किये कुलपति ने कहा कि सभी रिसर्च स्कॉलर के लिए प्रतिदिन अटेंडेंस अनिवार्य होगा. जबकि स्नातक के एसईसी एवं वीएसी की कक्षाओं के लिए ऑनलाइन रूप से सुचारू रूप से करने के लिये सभी को निर्देशित किया गया है. उन्होंने कहा कि दिल्ली के कर्तव्यपथ पर कोशी कॉलेज खगड़िया के एनएसएस वालंटियर अभिजीत राज एनएसएस के परेड में सहभागिता मुंगेर विश्वविद्यालय के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है. साथही डीएसएम कॉलेज झाझा के एनएसएस स्वयंसेवक प्रेरणा कुमारी को दिल्ली के रिपब्लिक डे कैंप में माय भारत के अतिथि के रूप में आमंत्रित करना छात्र-छात्राओं के लिए प्रेरणा स्रोत है.