जांच के दायरे में अब पूर्व में नियुक्त हो चुके कई विषयों के सहायक प्राध्यापक

दो विषयों में तीन सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति अधिसूचना ने खुद विश्वविद्यालय पर बड़ा प्रश्न चिन्ह लगा दिया है.

– काउंसलिंग के बाद राजनीति विज्ञान के 6 सहायक प्राध्यापकों के अनुभव प्रमाण पत्र में कमी के कारण रूकी शेष की पोस्टिंग

मुंगेर

मुंगेर विश्वविद्यालय द्वारा नवंबर 2025 में नियुक्ति के बाद जनवरी 2026 में केएसएस कॉलेज, लखीसराय के गणित शिक्षक सुनील कुमार की सेवा स्थगित किये जाने के मामले ने अब 2024 और 2025 में नियुक्त नये सहायक प्राध्यापकों के अनुभव प्रमाण पत्र की जांच पर बड़ा सवाल करा दिया गया है. जबकि बीते दिनों अनुभव प्रमाण पत्र में कमी के बावजूद दो विषयों में तीन सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति अधिसूचना ने खुद विश्वविद्यालय पर बड़ा प्रश्न चिन्ह लगा दिया है. ऐसे में अब राजनीति विज्ञान विषय में हाल के दिनों में काउंसलिंग प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद 6 सहायक प्राध्यापकों के अनुभव प्रमाण पत्र में कमी के कारण शेष बचे 12 सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति भी रूक गयी है.

राजनीति विज्ञान के 6 सहायक प्राध्यापकों के प्रमाण पत्रों मे कमी

बता दें कि एमयू ने जनवरी माह में ही बिहार विश्वविद्यालय सेवा आयोग से राजनीति विज्ञान विषय में मिले 18 सहायक प्राध्यापकों की काउंसलिंग प्रक्रिया पूर्ण की गयी. जिसमें सिंडिकेट सभागार में 5 जनवरी को पूरी गयी. हलांकि अब इन 18 सहायक प्राध्यापकों में 6 शिक्षकों के अनुभव प्रमाण पत्र में कमी मिली है. जिसके कारण अबतक विश्वविद्यालय द्वारा शेष 12 सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति भी पूरी नहीं की गयी है. हलांकि विश्वविद्यालय द्वारा राजनीति विज्ञान विषय में जिन शिक्षकों के अनुभव प्रमाण पत्र में कमी पायी गयी है. वैसे शिक्षकों को कमी पूरा करने को कहा गया है.

पूर्व में नियुक्त शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की जांच पर बड़ा सवाल

एमयू अब भले ही बिहार विश्वविद्यालय सेवा आयोग से मिले सहायक प्राध्यापकों के प्रमाण पत्रों की जांच को लेकर सजग दिख रहा हो, लेकिन बीते दिनों नवंबर 2025 में नियुक्त गणित विषय के शिक्षक सुनील कुमार के अनुभव प्रमाण पत्र में कमी होने के बाद उसके सेवा को स्थगित करना तथा अंग्रेजी और रसायनशास्त्र विषय में तीन शिक्षक के अनुभव प्रमाण पत्र में कमी होने के बावजूद उनके नियुक्ति की अधिसूचना जारी होना खुद विश्वविद्यालय के कार्य प्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है. ऐसे में अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि साल 2024 और 2025 में एमयू में बिहार विश्वविद्यालय सेवा आयोग से अंग्रेजी, रसायनशास्त्र, भौतिकी, गणित, आईआरपीएम, हिंदी सहित कई विषयों में शिक्षक मिले हैं. जिनके अनुभव प्रमाण पत्रों की जांच का निर्देश बिहार विश्वविद्यालय सेवा आयोग द्वारा दिया गया था.

कहते हैं कुलसचिव

कुलसचिव प्रो घनश्याम राय ने बताया कि राजनीति विज्ञान विषय में 6 शिक्षकों के अनुभव प्रमाण पत्र में कमी पायी गयी है. जिसके कारण अबतक उक्त विषय के शिक्षकों की पोस्टिंग नहीं की गयी है. इसके अतिरिक्त अंग्रेजी एवं रसायनशास्त्र विषय के तीनों शिक्षकों की पोस्टिंग को भी रोक दिया गया है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By AMIT JHA

AMIT JHA is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >