मुंगेर. सदर अस्पताल सहित जिले के सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर कार्यरत चिकित्सकों पर कार्य अवधि के दौरान निजी प्रैक्टिस करते पाये जाने पर अब जिला स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सख्त हो गया है. जिसे लेकर सिविल सर्जन ने सदर अस्पताल उपाधीक्षक सहित सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को पत्र भेजा है. पत्र के अनुसार अब कार्य अवधि में निजी प्रैक्टिस करते पाये जाने वाले चिकित्सकों पर कड़ी कार्रवाई होगी. सिविल सर्जन द्वारा भेजे गए पत्र में कहा गया है कि विभाग द्वारा पूर्व में ही सरकारी चिकित्सकों के अपने कार्य अवधि के दौरान निजी प्रैक्टिस करने पर रोक लगाई गई है.
रोक के बावजूद कई चिकित्सक कर रहे निजी प्रैक्टिस
इसके बावजूद कई बार शिकायत मिल रही है कि कई चिकित्सक कार्य अवधि में भी निजी प्रैक्टिस कर रहे. सीएस ने बताया कि ऐसा करने वाले चिकित्सकों पर अब विभागीय निर्देशानुसार कार्रवाही की जाएगी. साथ ही सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी इसकी सूचना सभी चिकित्सकों को इससे संबंधित जानकारी bदेते हुए इसे सुनिश्चित करना निर्धारित करेंगे. इसके अतिरिक्त सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को रेफर मामलों को नियमित रूप से पोर्टल पर अपलोड करने तथा रेफर के कारणों का स्पष्ट रूप से पोर्टल पर अंकित करने का निर्देश दिया है.
प्रत्येक माह रेफर मामलों की समीक्षा की जानी है
उन्होंनें बताया कि जिलाधिकारी द्वारा प्रत्येक माह रेफर मामलों की समीक्षा की जानी है. ऐसे में सभी चिकित्सक और प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी रेफर मामलों को गंभीरता से लेते हुए बिना अति आवश्यक स्थिति के मरीजों को रेफर नहीं करेंगे. साथ ही संबंधित मरीज को स्वस्थ केंद्र पर उपलब्ध स्वास्थ सुविधा देना सुनिश्चित करेंगे.
