NH-333 खड़गपुर–बरियारपुर मुख्य मार्ग पर बड़ा गड्ढा बना खतरा, हादसों को दे रहा न्योता
Munger News : राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 333 (NH-333) पर खड़गपुर–बरियारपुर मुख्य मार्ग की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि यह सड़क अब हादसों का कारण बनती जा रही है. नया टोला प्रसंडो के पास बना बड़ा गड्ढा वाहन चालकों के लिए गंभीर खतरा बन गया है.
हवेली खड़गपुर, मुंगेर से रतन झा की रिपोर्ट
Munger News : NH-333 के बरियारपुर–खड़गपुर मार्ग पर स्थित नया टोला प्रसंडो के समीप सड़क का एक बड़ा हिस्सा धंस जाने से गहरा गड्ढा बन गया है. इस मार्ग से प्रतिदिन हजारों वाहन और राहगीर गुजरते हैं, जिससे यह स्थान लगातार दुर्घटना का केंद्र बना हुआ है.
सड़क धंसने से बना बड़ा और खतरनाक गड्ढा
स्थानीय लोगों के अनुसार सड़क का एक हिस्सा पूरी तरह धंस गया है, जिससे चौड़ा और गहरा गड्ढा बन गया है. बारिश के मौसम में इसकी स्थिति और भी खराब हो गई है और गड्ढे का आकार लगातार बढ़ता जा रहा है.
लगातार हो रहे हादसे, वाहन हो रहे क्षतिग्रस्त
इस गड्ढे के कारण कई बार बाइक और साइकिल सवार दुर्घटनाग्रस्त हो चुके हैं. छोटे वाहनों को सबसे अधिक नुकसान उठाना पड़ रहा है. वाहन चालकों का कहना है कि इस मार्ग से गुजरना अब जोखिम भरा हो गया है.
टोल वसूली पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का आरोप है कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा टोल के नाम पर भारी राशि वसूली की जा रही है, लेकिन सड़क की स्थिति सुधारने पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है. खराब सड़क व्यवस्था ने लोगों में नाराजगी बढ़ा दी है.
बारिश ने बढ़ाई परेशानी
बारिश के कारण सड़क पर बने गड्ढों की संख्या और गहराई दोनों बढ़ गई है. पानी भर जाने से गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिससे दुर्घटना की आशंका और अधिक बढ़ जाती है.
सर्विस रोड पर भी खतरा कायम
प्रसंडो नया टोला के पास बरियारपुर की ओर जाने वाली सर्विस रोड पर भी बड़ा और चौड़ा गड्ढा मौजूद है, जो लगातार दुर्घटनाओं को आमंत्रण दे रहा है. यह स्थिति स्थानीय लोगों के लिए रोज की परेशानी बन गई है.
प्रशासन से तत्काल मरम्मत की मांग
समाजसेवी ईशु यादव ने जिला प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द गड्ढों को भरवाया जाए और सड़क की मरम्मत कराई जाए, ताकि संभावित बड़े हादसों को रोका जा सके.
अनदेखी पड़ सकती है भारी
NH-333 की यह स्थिति साफ संकेत देती है कि यदि समय रहते मरम्मत कार्य नहीं किया गया तो यह मार्ग किसी बड़े हादसे का कारण बन सकता है. स्थानीय लोग अब जल्द समाधान की उम्मीद लगाए बैठे हैं.