जिले में आइसीयू सेवा को लगा ग्रहण

मुंगेर : जिले के गंभीर मरीजों की गहन चिकित्सा के उद्देश्य से सदर अस्पताल में चार बेड वाले आइसीयू उद्घाटन किया गया. किंतु उद्घाटन के 14 माह बीत जाने के बावजूद यहां अबतक एक भी रोगियों को को भरती नहीं किया गया है. जिसके कारण आइसीयू में लगे लाखों रुपये के चिकित्सकीय यंत्र शोभा की […]

मुंगेर : जिले के गंभीर मरीजों की गहन चिकित्सा के उद्देश्य से सदर अस्पताल में चार बेड वाले आइसीयू उद्घाटन किया गया. किंतु उद्घाटन के 14 माह बीत जाने के बावजूद यहां अबतक एक भी रोगियों को को भरती नहीं किया गया है. जिसके कारण आइसीयू में लगे लाखों रुपये के चिकित्सकीय यंत्र शोभा की वस्तु बन कर रह गयी है. इस संबंध में न तो जिला स्वास्थ्य समित द्वारा कोई कदम उठाया जा रहा है और न ही जिला प्रशासन.
14 माह पूर्व हुआ उद्घाटन
सदर अस्पताल स्थित चक्षु विभाग के समीप 27 फरवरी 2015 को तत्कालीन जिलाधिकारी अमरेंद्र प्रसाद सिंह ने फीता काट कर आइसीयू का उद्घाटन किया था. जिसमें कुल चार बेड की व्यवस्था दी गयी. साथ ही लाखों रुपये के चिकित्सकीय यंत्र भी लगाये गये. किंतु 14 माह बीत जाने के बाद भी यह सेवा आरंभ नहीं हो पायी है.
क्या मिलनी थी सुविधा
आइसीयू में वैसे मरीजों को रख कर इलाज किया जाना है जो हृदय रोग से ग्रसित हों या फिर कोमा हो. अन्य गंभीर मरीजों को भी आइसीयू में रखे जाने का प्रावधान है. किंतु इतने दिन बीत जाने पर भी मुंगेर वासियों को इसका लाभ नहीं मिल पाना काफी दुर्भाग्यपूर्ण है. हाल यह है कि आइसीयू में मरीजों को जब रखने की नौबत आती है तो उन्हें पटना या भागलपुर रेफर कर दिया जाता है.
खराब हो गये लाखों के यंत्र
अस्पताल सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आइसीयू में लगाये गये डीफयूबीलेटर व वेंडीलेटर धरे-धरे अब पूरी तरह खराब हो चुका है. जिसके कारण ऐसी स्थिति में अस्पताल प्रबंधन चाह कर भी आइसीयू सेवा अभी बहाल नहीं कर सकती.
कहते हैं सिविल सर्जन
सिविल सर्जन डॉ श्रीनाथ ने कहा कि आइसीयू में लगाये गये डीफयूबीलेटर व वेंडीलेटर के खराब हो जाने की सूचना मिली है. इन दोनों यंत्रों की खरीदारी में लगभग पांच लाख का खर्च आयेगा. जो जिला स्तर पर संभव नहीं है. यंत्र उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखा गया है. यंत्र उपलब्ध होते ही आइसीयू सेवा बहाल हो जायेगी.

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