गंगा में अब नहीं डाले जायेंगे धार्मिक स्थलों के कचड़े फोटो संख्या : 2फोटों कैप्सन : सोझी घाट में कार्यक्रम का शुभारंभ प्रतिनिधि , मुंगेरमुंगेर में गंगा उत्तर वाहिनी प्रवाहित है. इसका खास महत्व है. गंगा को तो हम आस्था का प्रतीक मानते हैं. लेकिन गंदा करने और प्रदूषित करने में भी हम पीछे नहीं रहते. बात सिर्फ गंगा की नहीं है, मुंगेर की तमाम नदियों की हालत एक जैसी है. नदियों की निर्मलता तभी कायम रह सकती है. जब हम यह संकल्प लंे कि हम उसे गंदा नहीं करेंगे. यह संदेश एक सामाजिक संगठन गंगांजलि द्वारा दिया जा रहा है. यह अभियान रविवार को सोझी घाट से आरंभ हुआ. क्या होगी खासियत इस अभियान के जरिये शहर के मंदिरों को चिह्नित किया गया है और वहां चढ़ाये जाने वाले फूल एवं अन्य पूजन सामग्री को गंगा में प्रवाहित न कर एक ड्रम में जमा किया जायेगा. जिसकी उराही सप्ताह में एक बार किया जायेगा. इसे आइटीसी के डंपिंग स्थल पर जमा किया जायेगा. उसे रिसाइकिल कर खाद में परिणत किया जायेगा. इन जगहों पर रखे जायेंगे ड्रम गंगांजलि की ओर से सोझी घाट, बड़ी बाजार, मछली तालाब, चंडिका स्थान, दशभुजी स्थान, शीतला स्थान, कोतवाली महावीर मंदिर, बड़ा महावीर मंदिर, राम लीला मैदान स्थित दुर्गा स्थान, बेकापुर शनि मंदिर, साई मंदिर, मजार, दक्षिणेश्वर काली मंदिर में ड्रम रखा गया. प्रतिमाह 600 किलो कचड़े गिरते है धार्मिक स्थलों सेसिर्फ यदि धार्मिक स्थलों की बात करें तो प्रतिमाह 600 किलो कचड़ा निकलता है. जिसे सीधे तौर पर गंगा में डाल दिया जाता है. जबकि अन्य तरल और ठोस अवशेष अलग है. धार्मिक स्थल से शुरुआत करने का मकसद लोगों की आस्था को झकझोरना है. आइटीसी करेगा सहयोग गंगांजलि के इस अभियान में आईटीसी ने सहयोग करने की बात कही है. आइटीसी के सामाजिक उत्तरदायित्व प्रभाग के पदाधिकारी अखिलेश यादव, उज्जवल सिन्हा ने कहा कि इन तमाम अवष्ठिों को जमा कर खाद में परिणत किया जायेगा. जिससे धरती की उर्वरता तो बढ़ेगी ही. साथ ही हम अपने पर्यावरण व नदी को भी स्वच्छ रख पायेंगे. ये थे मौजूद मौके पर अमित शेखर, उत्तम शर्मा, दुर्गेश कुमार, गौतम आनंद, गौतम सिन्हा, सुमन कुमार, नीतिन कुमार, अनुराग कुमार, मो. रहवाज, संजीव कुमार सहित अन्य मौजूद थे.
गंगा में अब नहीं डाले जायेंगे धार्मिक स्थलों के कचड़े
गंगा में अब नहीं डाले जायेंगे धार्मिक स्थलों के कचड़े फोटो संख्या : 2फोटों कैप्सन : सोझी घाट में कार्यक्रम का शुभारंभ प्रतिनिधि , मुंगेरमुंगेर में गंगा उत्तर वाहिनी प्रवाहित है. इसका खास महत्व है. गंगा को तो हम आस्था का प्रतीक मानते हैं. लेकिन गंदा करने और प्रदूषित करने में भी हम पीछे नहीं […]
