सतसंग से मानव जीवन में होता है परिवर्तन प्रतिनिधि , तारापुर प्रखंड के महम्दपुर गांव में दो दिवसीय संत मत सतसंग का आयोजन किया गया. उसका उद्घाटन सतसंग प्रेमी जितेंद्र कुमार ने फीता काट कर किया. मुख्य प्रवचनकर्ता के रुप में भागलपुर कुप्पा घाट से आये संत प्रमोद बाबा एवं सत्यानंद थे. जितेंद्र कुमार ने कहा कि सतसंग से जहां अपराध में कमी होती है, वहीं मानव जीवन में अमूल परिवर्तन होता है. सतसंग एक ऐसी गंगा है. जिसमें डुबकी लगाकर ही हम ईश्वर को प्राप्त कर सकते हंै. हम हर काम करते है. उसी में भगवान का भजन भी अवश्य करे. क्योंकि यहीं भारत की संस्कृति है. भारत पहले भी विश्व गुरु था और आने वाले समय में भी विश्व गुरु होगा. क्योंकि इस धरती ने एक से बढ़कर एक संत को जन्म दिया. प्रमोद बाबा ने कहा कि हम आज भटक गये हैं. विश्व में चारों ओर अशांति ही अशांति फैली हुई है. इसका मूल कारण हैं कि हमारी संस्कृति में पश्चिमी सभ्यता का समावेश होता जा रहा है. भारत सदैव योगी, ऋषि-मुनियों का देश रहा है. जहां विदेशों से लोग आकर शिक्षा ग्रहण करते थे. आज भी हमारी संस्कृति को विदेशों में अपनाया जा रहा है. लेकिन हम अपनी सभ्यता से विमुख होते जा रहे है. मौके पर रवींद्र चौधरी, योगेंद्र सिंह, महेंद्र प्रसाद सिंह, राकेश कुमार, राम स्वरूप तांती सहित सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे.
सतसंग से मानव जीवन में होता है परिवर्तन
सतसंग से मानव जीवन में होता है परिवर्तन प्रतिनिधि , तारापुर प्रखंड के महम्दपुर गांव में दो दिवसीय संत मत सतसंग का आयोजन किया गया. उसका उद्घाटन सतसंग प्रेमी जितेंद्र कुमार ने फीता काट कर किया. मुख्य प्रवचनकर्ता के रुप में भागलपुर कुप्पा घाट से आये संत प्रमोद बाबा एवं सत्यानंद थे. जितेंद्र कुमार ने […]
