नवरात्र में भी अस्पताल प्रबंधन ने महिला की नहीं ली सुधि

नवरात्र में भी अस्पताल प्रबंधन ने महिला की नहीं ली सुधि सदर अस्पताल में महिलाओं को दवा के लिए धूप में ही लगनी पड़ती है लाइनफोटो संख्या : 5 फोटो कैप्सन : दवा के लिए धूप में कतारबद्ध महिला प्रतिनिधि, मुंगेरएक ओर जहां लोग देवी की पूजा अर्चना कर उन्हें प्रसन्न करने में लगे हुए […]

नवरात्र में भी अस्पताल प्रबंधन ने महिला की नहीं ली सुधि सदर अस्पताल में महिलाओं को दवा के लिए धूप में ही लगनी पड़ती है लाइनफोटो संख्या : 5 फोटो कैप्सन : दवा के लिए धूप में कतारबद्ध महिला प्रतिनिधि, मुंगेरएक ओर जहां लोग देवी की पूजा अर्चना कर उन्हें प्रसन्न करने में लगे हुए हैं. वहीं दूसरी ओर अस्पताल प्रबंधन को देवी रूपी महिलाओं के सुविधा का तनिक भी ख्याल नहीं है. जिसके कारण सदर अस्पताल में दवा लेने के लिए महिलाओं को धूप में ही लाइन लगना पड़ रहा है. क्योंकि उनके लिए अस्पताल प्रबंधन ने शेड की व्यवस्था दे रखी है.एक साल से झेलनी पड़ रही परेशानीसदर अस्पताल परिसर स्थित इमरजेंसी वार्ड के सामने दवा वितरण केंद्र है. यहां पूर्व में महिला, पुरुष व वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग-अलग काउंटर बनाये थे. किंतु वर्ष 2014 में महिला के काउंटर को अलग कर दिया गया. जिसके कारण महिलाओं को तब से दवा काउंटर के पश्चिमी छोर पर खुले आसमान के नीचे ही लाइन लगनी पड़ती है. चाहे चिलचिलाती धूप रहे या फिर बारिश. कहती हैं महिलाएंकासिम बाजार निवासी कंचन देवी, महुली निवासी रेखा देवी, लाल दरबाजा निवासी गायत्री देवी, शास्त्री नगर निवासी प्रेमलता देवी एवं चुआबाग निवासी सरोजनी देवी ने बताया कि शेड नहीं रहने के कारण महिलाओं को काफी परेशानी होती है. घंटों कड़ी धूप में लाइन में खड़ा रहना पड़ता है. अस्पताल प्रबंधन को हमलोगों की जरा भी चिंता नहीं रहती है. अभी नवरात्र में कई महिलाएं उपवास पर हैं. किंतु उन्हें भी अपने बच्चे व परिजनों का दवा लेने के लिए धूप में खड़ा रहना पड़ता है. किंतु अस्पताल प्रबंधन को महिलाओं की तनिक भी फिकर नहीं है.कहते हैं अस्पताल उपाधीक्षकअस्पताल उपाधीक्षक डॉ राकेश कुमार सिन्हा ने बताया कि शेड बनाने के लिए अभी कोई फंड नहीं है. फंड मिलने के बाद महिलाओं के लिए भी शेड की व्यवस्था कर दी जायेगी.

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