बेकापुर बजरंग बली दल ने कायम किया अखाड़ा की परंपरा

बेकापुर बजरंग बली दल ने कायम किया अखाड़ा की परंपरा लाल गंजी के नाम से जाना जाता है बजरंग दल फोटो संख्या : 2फोटो कैप्सन : अखाड़ा खेलते युवक प्रतिनिधि, मुंगेर अस्त्र-शस्त्र प्रदर्शन के लिए बेकापुर बजरंग बली दल लाल गंजी के नाम से प्रसिद्ध है. जो मुंगेर में दुर्गा पूजा के अवसर पर अपनी […]

बेकापुर बजरंग बली दल ने कायम किया अखाड़ा की परंपरा लाल गंजी के नाम से जाना जाता है बजरंग दल फोटो संख्या : 2फोटो कैप्सन : अखाड़ा खेलते युवक प्रतिनिधि, मुंगेर अस्त्र-शस्त्र प्रदर्शन के लिए बेकापुर बजरंग बली दल लाल गंजी के नाम से प्रसिद्ध है. जो मुंगेर में दुर्गा पूजा के अवसर पर अपनी कलाबाजी के मामले को लेकर मसहूर है. जब मां दुर्गा की विसर्जन शोभायात्रा निकलती है तो इस दल के युवकों द्वारा दिखाये जाने वाला करतब आकर्षण का केंद्र होता है. स्व. रामचंद्र उस्ताद के नाम से प्रसिद्ध यह अखाड़ा वर्तमान में किशोरी मंडल एवं मनोज साव द्वारा संचालित हो रहा है. साथ ही संतोष कुमार, श्याम शर्मा, राजेश कुमार, रवींद्र शर्मा सहित दर्जनों लोग अखाड़ा में कलाबाजी सिखाने में अपना योगदान दे रहे हैं. वर्ष 1962 से संचालित हो रहा अखाड़ा बताया जाता है कि वर्ष 1962 ई से बेकापुर में अखाड़ा का संचालन किया जा रहा है. इस अखाड़ा के पहले उस्ताद रामचंद्र उस्ताद थे जिन्होंने मुंगेर में इस कला को एक स्वरूप दिया. जो आज मुंगेर के विभिन्न पूजा समितियों द्वारा करतब का प्रदर्शन किया जा रहा है. इतना ही नहीं आज भी यहां बड़े-बड़े महारथी अपने कला का प्रदर्शन करते हैं. अस्त्र-शस्त्र का सिखाया जा रहा है गुढ़ दुर्गा पूजा आते ही बजरंग दल (लाल गंजी ) अस्त्र-शस्त्र प्रदर्शन की तैयारी में जुट जाते हैं. जहां सैकड़ों युवक कला बाजी सीख कर प्रतिमा विसर्जन शोभायात्रा में अपनी कला को बिखेरते हैं. जिसमें लाठी भांजना, बौना चलाना, तलबार बाजी, तिरशूल, क्रीच, गदा, कांटे वाला गदा, फरसा सहित अन्य प्रकार के अस्त्र-शस्त्र का प्रदर्शन किया जाता है.युवक प्राप्त कर रहे प्रशिक्षण मां दुर्गा की प्रतिमा विसर्जन के दौरान निकलने वाले अखाड़ा को लेकर विशेष रूप से युवकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है. प्रशिक्षक श्याम शर्मा, रवींद्र शर्मा एवं राजेंद्र साव द्वारा युवकों को ढाल-तलबार बाजी, लाठी भांजना, भाला भांजना, क्रीच सहित अन्य प्रकार के अस्त्र-शस्त्र का प्रशिक्षण दिया जा रहा है. जहां रोजाना संध्या के समय दो से तीन घंटे का प्रशिक्षण दिया जा रहा है. विसर्जन में होगा माधवी का खेल इस वर्ष विसर्जन के दौरान माधवी, महिलाओं की आत्म रक्षा, क्रांति, पंच अजूबा, डकैती सहित अन्य प्रकार के कलाबाजी का प्रदर्शन किया जायेगा. इस खेल में भाला, कांटा वाला गदा, चरमुखी फरसा सहित अन्य शस्त्र का प्रदर्शन किया जायेगा. इसके साथ ही आत्म सुरक्षा पर युवतियों द्वारा कला का प्रदर्शन किया जायेगा. जिसमें 17 वर्षीय पूजा कुमारी एवं दो युवक श्याम व संतोष, बुजुर्ग व एक बच्चा शामिल हैं.

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