मुंगेर : विधानसभा चुनाव में मतदान का प्रतिशत बढ़ाने के लिए भारत निर्वाचन आयोग ने कई कड़े निर्देश जारी किये थे. ताकि लोकतंत्र में सबकी भागीदारी सुनिश्चित हो सके.
इसके लिए मुंगेर जिले में स्वीप कमेटी का गठन किया गया. जिला आइकॉन पर्वतारोही संतोष यादव से लेकर विद्यालय स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम चलाये गये. लेकिन मतदान के 70 प्रतिशत लक्ष्य को पूरा नहीं किया जा सका.
मुंगेर जिले में मतदान प्रतिशत मात्र 55.29 रहा. वर्ष 2014 में लोकसभा चुनाव में मुंगेर में मात्र 52. 3 प्रतिशत मतदान हुए थे. मतदान प्रतिशत को लेकर मुंगेर की स्थिति ठीक नहीं थी. जब विधानसभा चुनाव के प्रथम चरण में मुंगेर जिला में चुनाव की तिथि निर्धारित हुई तो मतदाता प्रतिशत बढ़ाने के लिए स्वीप कमेटी बनाई गयी.
जिसमें जिले के वरीय अधिकारी के साथ ही समाज के विभिन्न वर्गों को लोगों को शामिल किया गया. बड़े-बड़े बैनर और पोस्टर लगाये गये. आइकॉन के तौर पर पर्वतारोही संतोष यादव दिल्ली से मुंगेर पहुंची. पोलो मैदान से रैली निकाली. डीएम और एसपी साहब ने भाग लिया. इतना ही नहीं रैलियां और प्रभात फेरी निकाली गयी.
सूचना एवं जन संपर्क विभाग से मतदाता जागरूकता के लिए बैनर भी लगाये गये. स्वीप द्वारा जगह-जगह कार्यक्रम आयोजित की गयी. जिस पर काफी खर्च भी हुए. लेकिन मतदान के प्रतिशत में कोई खास बढ़ोतरी नहीं हो पायी. पिछले 2010 के विधानसभा चुनाव में मुंगेर जिले में 48. 35 प्रतिशत मतदान का प्रतिशत रहा.
इसमें तारापुर 47.42, मुंगेर 48.37 एवं जमालपुर में 44.96 प्रतिशत मतदान हुआ था. 2014 में जब लोकसभा का चुनाव हुआ तो प्रतिशत थोड़ा बहुत बढ़ा और वह 52.29 प्रतिशत वोट पड़े. विधान सभा चुनाव में मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए जिला प्रशासन ने हाय तोबा मचा दी. लेकिन मात्र 55.29 प्रतिशत मतदान पर ही सिमट गया.
