इस्पात फैक्ट्री के पूर्व इंजीनियर दंपति नशाखुरानी का शिकार फोटो संख्या : 25,26 फोटो कैप्सन : नशाखुरानी के शिकार दंपति प्रतिनिधि : जमालपुर —————-भारतीय रेल भले ही रेलयात्रियों को सुरक्षित एवं सुखद रेल यात्रा का दावा करता हो, परंतु वस्तुत: आज के तारीख में रेल यात्रा न तो सुरक्षित और न तो सुखद ही रह पाया है. रेलवे के सुरक्षा विभाग तथा रेल यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने वाली वाली एजेंसियों के आपसी तालमेल में घोर कमी का खामियाजा रेलयात्रियों को उठाना पड़ रहा हैं. और तो और वातानुकूलित श्रेणी में यात्रा करने वाले भी इसका शिकार हो रहे हैं. ऐसा ही एक मामला मंगलवार की देर रात्रि प्रकाश में आया है. राउरकेला इस्पात फैक्टरी के सेवानिवृत्त अभियंता अश्विनी प्रसाद सिन्हा अपनी पत्नी गीता सिन्हा के साथ दिल्ली से 14056 डाउन ब्रह्मपुत्र मेल से चले तो थे मालदह के लिए परंतु नशा खुरानी गिरोह का शिकार हो कर पहुंच गये जमालपुर रेलवे अस्पताल. जहां पति को इलाज के बाद तो होश आ गया परंतु पत्नी को बाद दोपहर तक होश नहीं आया था. पीडि़त ने बताया कि वह ब्रह्मपुत्र मेल से एसी टू टायर में यात्रा कर रहा था. इस बीच गाड़ी कानपुर पहुंची तो कॉफी लेने वे प्लेटफॉर्म पर उतरे. वहां दो कप कॉफी लिया. वापस आने के क्रम में उनके ही कंपार्टमेंट में दिल्ली से ही यात्रा कर रहे दो युवकों ने कहा कि उसके कॉफी के कप को वे लोग उनके बर्थ तक पहुंचा देंगे, क्योंकि वे काफी बूढ़े हैं तथा उनका हाथ कांपता है. उस कॉफी को पीते ही दोनों को होश नहीं रहा. उनके बेटे द्वारा बार बार फोन किया जा रहा था. पटना के पास एक अन्य यात्री ने फोन रिसीव कर वास्तविकता बताया. तब जमालपुर के रिश्तेदारों ने उन्हें जमालपुर में उतार कर इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया. दंपति के रिश्तेदार तथा डीजल शेड जमालपुर के कर्मी मिथलेश कुमार सिन्हा ने बताया कि पीडि़त के पास से हीरे की अंगूठी, कीमती घड़ी, कान का बाली, अंगूठी, चूड़ी तथा कमरघनी गायब है. वैसे इस मामले में रेल थानाध्यक्ष ने बताया कि होश आने के बाद दोनों पीडि़तों से बयान लिया जायेगा.
इस्पात फैक्ट्री के पूर्व इंजीनियर दंपति नशाखुरानी का शिकार
इस्पात फैक्ट्री के पूर्व इंजीनियर दंपति नशाखुरानी का शिकार फोटो संख्या : 25,26 फोटो कैप्सन : नशाखुरानी के शिकार दंपति प्रतिनिधि : जमालपुर —————-भारतीय रेल भले ही रेलयात्रियों को सुरक्षित एवं सुखद रेल यात्रा का दावा करता हो, परंतु वस्तुत: आज के तारीख में रेल यात्रा न तो सुरक्षित और न तो सुखद ही रह […]
