भगवान भरोसे है सदर अस्पताल का कैदी वार्ड न पेयजल की व्यवस्था है और न ही शौचालय की

प्रतिनिधि : मुंगेर सदर अस्पताल का कैदी वार्ड इन दिनों भगवान भरोसे है. जहां न पेयजल की व्यवस्था है और न ही शौचालय की. इतना ही नहीं चिकित्सकों द्वारा निर्देशित भोजन तक मरीजों को उपलब्ध नहीं कराया जाता है. जिसके कारण मरीजों की तबीयत दिन प्रतिदिन बिगड़ते ही जा रही है. वहीं वार्ड में बेहतर […]

प्रतिनिधि : मुंगेर सदर अस्पताल का कैदी वार्ड इन दिनों भगवान भरोसे है. जहां न पेयजल की व्यवस्था है और न ही शौचालय की. इतना ही नहीं चिकित्सकों द्वारा निर्देशित भोजन तक मरीजों को उपलब्ध नहीं कराया जाता है.

जिसके कारण मरीजों की तबीयत दिन प्रतिदिन बिगड़ते ही जा रही है. वहीं वार्ड में बेहतर व्यवस्था नहीं रहने के कारण ड्यूटी पर तैनात पुलिस बलों को हमेशा अप्रिय घटनाओं की आशंका बनी रहती है.

कैदी को मिलता है टंकी का पानी :शुद्ध पेयजल के नाम पर कैदियों को टंकी का पानी पिलाया जाता है. जिससे मरीजों के स्वास्थ्य में सुधार होने के बजाय परेशानी और भी बढ़ती है.

मालूम हो कि कैदी वार्ड में भरती मरीजों को पुरुष वार्ड के शौचालय पर लगी टंकी का ही पानी पिलाया जा रहा है जो कैदियों के लिए हानिकारक हो सकता है.

शौच के लिए ले जाना पड़ता है बाहर : कैदी वार्ड के प्रभारी त्रिवेणी राम ने बताया कि शौचालय के लिए कैदियों को वार्ड से बाहर ले जाना पड़ता है. जिससे हमेशा अप्रिय घटनाओं की आशंकाएं बनी रहती है. यदि वार्ड में शौचालय व पेयजल की व्यवस्था उपलब्ध करा दी जाय तो अप्रिय घटनाओं की आशंका नहीं रहेगी.

मरीजों को नहीं मिलता निर्देशित भोजन : वार्ड में भरती मरीज अमरेंद्र कुमार निराला ने बताया कि चिकित्सक ने उन्हें सिर्फ दाल व रोटी खाने का निर्देश दिया है.

किंतु उन्हें निर्देश के अनुसार भोजन उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है. वहीं मरीज दीपू कुमार ने बताया कि चिकित्सक ने सिर्फ जूस या दूध लेने को कहा है. किंतु अस्पताल प्रबंधन व जेल प्रबंधन द्वारा उन्हें दूध व जूस उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है.

उन्हें अन्य खाना वर्जित किया गया है. जरूरत का आहार नहीं मिलने के कारण उनके तबीयत में सुधार होने के बजाय दिन प्रतिदिन बिगड़ते ही जा रही है.

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