नक्सल प्रभावित पैसरा जंगल में पेड़ की खोह से 49 कारतूस बरामद

नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे शैडो अभियान के दौरान लड़ैयाटांड थाना क्षेत्र के पैसरा पहाड़ी जंगल से एक पेड़ की खोह से 49 जिंदा कारतूस बरामद किया.

नक्सलियों ने छिपा कर रखा था कारतूस

मुंगेर. मुंगेर पुलिस, बी-215 समवाय एवं सीआरपीएफ पैसरा कैंप द्वारा संयुक्त रूप से नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे शैडो अभियान के दौरान लड़ैयाटांड थाना क्षेत्र के पैसरा पहाड़ी जंगल से एक पेड़ की खोह से 49 जिंदा कारतूस बरामद किया. इसको लेकर लड़ैयाटांड थाना में आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर पुलिस ने छानबीन प्रारंभ कर दिया है.

पुलिस अधीक्षक सैयद इमरान मसूद ने बताया कि मुंगेर पुलिस, बी-215 समवाय एवं सीआरपीएफ पैसरा कैंप के जवानों द्वारा संयुक्त रूप से सी लेवल संयुक्त अभियान (ऑपरेशन शैडो) चलाया गया. जब टीम पैसरा से सवासीन पहाड़ी जंगल की तरफ बढ़ी तो इसी दौरान जवानों की नजर एक पेड़ की खोह पर पड़ी, जिसमें कुछ संदिग्ध वस्तु दिखाई दी. जिसके बाद सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए डीएसएमडी संचालक और डॉ हैंडलर की मदद लेकर इलाके की गहन जांच की. जांच के दौरान जब पेड़ की खोह की जांच की गयी तो उससे एक काली प्लास्टिक शीट निकाली गयी, जिसको खोलने पर उसमें से 49 जिंदा कारतूस बरामद हुआ. उन्होंने बताया कि पूर्व में नक्सलियों ने यहां कारतूस छिपा कर रखा था. इसको लेकर लड़ैयाटांड थाना में आर्म्स एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गयी है.

पूर्व में नक्सलियों का गढ़ था पैसरा व सवासीन पहाड़ी जंगल

विदित हो कि यह क्षेत्र पूरी तरह से नक्सल प्रभावित है और पूर्व में यहां नक्सलियों ने अपना ठिकाना बना रखा था. इसी तरह पहाड़ और पेड़ की खोह, जमीन खोद कर अपना कारतूस व हथियार सहित अन्य सामान छिपा कर रखते थे, लेकिन जब से भीम बांध और पैसरा में सीआरपीएफ का कैंप खुला और नक्सलियों के खिलाफ संघन ऑपरेशन शुरू हुआ तो धीरे-धीरे यह क्षेत्र लगभग नक्सल मुक्त हो गया है. लगातार नक्सली पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर रहे हैं. माना जा रहा है कि पूर्व में नक्सलियों द्वारा जो छिपा कर हथियार, कारतूस व अन्य सामान छिपा कर रखा गया था. वह अब सर्च ऑपरेशन के दौरान बरामद हो रही है.

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Published by: Birendra kumar sing

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