प्रतिनिधि, मुंगेर बिहार की शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह बदहाल हो चुकी है. महाविद्यालयों में जहां शिक्षकों की कमी है वहीं प्राथमिक से लेकर उच्च विद्यालय तक संसाधन उपलब्ध नहीं है. शिक्षा के नाम पर साइकिल, पोशाक व मिड डे मील में भले ही करोड़ों रुपये खर्च हो रहे हों. बावजूद बालिका शिक्षा की स्थिति अत्यंत ही खराब है. अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की एक बैठक बुधवार को जिला कार्यालय शिवनंदन पैलेस में हुई. उसकी अध्यक्षता जिला संयोजक अभिषेक कुमार बमबम ने की. बैठक में परिषद के नेताओं ने कहा कि एक ओर कॉलेजों में विषयवार शिक्षकों की घोर कमी है और कॉलेजों में पठन-पाठन पूरी तरह बंद हो चुकी है तो दूसरी ओर प्राथमिक व मध्य विद्यालय में भी शिक्षकों की कमी है. फर्जी डिग्री के आधार पर जब शिक्षक बहाल होंगे तो शिक्षा की गुणवत्ता का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है. मुंगेर शहर के बैद्यनाथ राजकीय द्वादश विद्यालय में छात्राओं के लिए पीने तक की पानी की व्यवस्था नहीं है. जबकि टाउन उच्च विद्यालय में छात्र-छात्राओं के लिए शौचालय की व्यवस्था नहीं है. विद्यार्थी परिषद सरकार से मांग की है कि सरकारी विद्यालयों व महाविद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था सुदृढ़ किया जाय. बैठक में बदहाल शिक्षा व्यवस्था के विरुद्ध आंदोलन की भी धमकी दी गयी. मौके पर चंदन महासेठ, नीलेंदु यादव, अभिषेक राज, पुरुषोत्तम सिन्हा, सन्नी कुमार, राहुल कुमार समेत अन्य मौजूद थे.
बिहार की शिक्षा व्यवस्था बदहाल : अभाविप
प्रतिनिधि, मुंगेर बिहार की शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह बदहाल हो चुकी है. महाविद्यालयों में जहां शिक्षकों की कमी है वहीं प्राथमिक से लेकर उच्च विद्यालय तक संसाधन उपलब्ध नहीं है. शिक्षा के नाम पर साइकिल, पोशाक व मिड डे मील में भले ही करोड़ों रुपये खर्च हो रहे हों. बावजूद बालिका शिक्षा की स्थिति अत्यंत […]
