प्रतिनिधि , बरियारपुर —————किसान सलाहकार के हड़ताल पर रहने से किसानों की परेशानी काफी बढ़ गयी है. किसान सरकार द्वारा चलाये जा रहे योजनाओं का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं. साथ ही कोई परेशानी होने पर सीधे प्रखंड मुख्यालय जाना पड़ता है. जबकि किसान सलाहकार के रहने से किसानों को इस तरह की समस्याओं का हल तुरंत हो जाता था. किसान ललन कुमार, जीतन पटेल, राजाराम गुप्ता, मनोज कुमार, हरदेव मंडल, भूपेंद्र मंडल, नकुल सहनी ने बताया कि कृषि सलाहकार के हड़ताल पर चले जाने से क्षेत्र में किसानों के समक्ष कई प्रकार की समस्या उत्पन्न हो गयी है. किसान फसल बुआई एवं उसमें होने वाले रोगों के संबंध में कृषि सलाहकार को बताते थे तो वे उसका समाधान निकालने की दिशा में कार्य करते थे. कृषि वैज्ञानिकों को बुलाकर किसानों की समस्याओं का हल निकालते थे. इतना ही नहीं किसी प्रकार के योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन किसान सलाहकार को दिया जाता था. लेकिन वहीं आवेदन आज कार्यालय में जाकर देना पड़ता है. किसान सलाहकार खेतों में ही किसानों को सरकार द्वारा चलाये जा रहे योजना की जानकारी देते थे जो अब नहीं मिल पा रही. जबकि फसल मुआवजा की राशि वितरण कार्य भी बुरी तरह प्रभावित होती है.
किसान सलाहकारों के हड़ताल से किसानों की बढ़ी परेशानी
प्रतिनिधि , बरियारपुर —————किसान सलाहकार के हड़ताल पर रहने से किसानों की परेशानी काफी बढ़ गयी है. किसान सरकार द्वारा चलाये जा रहे योजनाओं का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं. साथ ही कोई परेशानी होने पर सीधे प्रखंड मुख्यालय जाना पड़ता है. जबकि किसान सलाहकार के रहने से किसानों को इस तरह की समस्याओं […]
