शाहकुंड के खुलनी में हुई थी दारोगा अविनाश की हत्या

मुंगेर : जांबाज दारोगा अविनाश के शहादत का एक वर्ष पूरा हो जाने के बाद भी हत्यारे की गिरफ्तारी नहीं हो पायी है और न ही विभाग द्वारा उनकी पत्नी को अनुकंपा के आधार पर नौकरी ही दी गयी है. जिसके कारण शहीद की पत्नी प्रीति कुमारी विभाग के रवैये से काफी आहत है. 23 […]

मुंगेर : जांबाज दारोगा अविनाश के शहादत का एक वर्ष पूरा हो जाने के बाद भी हत्यारे की गिरफ्तारी नहीं हो पायी है और न ही विभाग द्वारा उनकी पत्नी को अनुकंपा के आधार पर नौकरी ही दी गयी है. जिसके कारण शहीद की पत्नी प्रीति कुमारी विभाग के रवैये से काफी आहत है.
23 जून 2014 को भागलपुर जिले के शाहकुंड थाना क्षेत्र में अपराधियों के साथ मुठभेड़ में दारोगा अविनाश कुमार शहीद हो गये थे. जिसके शहादत पर पुलिस डिपार्टमेंट ही नहीं आम लोगों को आज भी गर्व है. शहीद दारोगा के पार्थिव शरीर को पूरे सम्मान के साथ उनके पैतृक गांव शिल्हा मनियारचक लाया गया. जहां उनका अंतिम संस्कार किया गया था.
गिरफ्त से बाहर है हत्यारा
शहीद दारोगा को नमन करने पुलिस के आला अधिकारी, मंत्री, विधायक सहित कई अन्य लोग पहुंचे थे.साथ ही उनकी पत्नी व बूढ़ी मां हीरा देवी को ढ़ांढ़स भी बढ़ाया था कि हत्यारे को शीघ्र गिरफ्तार किया जायेगा. भागलपुर के तत्कालीन डीआईजी व एसपी ने हत्यारे को शीघ्र ही गिरफ्तार कर सजा दिलाने की बात भी कही थी. किंतु एक साल बीत जाने के बाद भी मुख्य हत्यारोपी टोपला यादव उर्फ टीपू यादव को सजा दिलाना तो दूर की बात पुलिस उसे गिरफ्तार भी नहीं कर पायी है. पुत्र के वियोग में बूढ़ी मां ने चार महीने बाद ही दम तोड़ दिया. वहीं पत्नी आज भी यह आस लगाये बैठी है कि उसके पति के हत्यारे की गिरफ्तारी जल्द हो.

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