मुंगेर: संस्कार भारती परिवार द्वारा सरस्वती शिशु मंदिर शादीपुर में चल रहा कथक कार्यशाला मंगलवार को संपन्न हो गया. इस कार्यशाला में कथक गुरु बिरजू महाराज की शिष्या रक्षा सिंह डेविड ने बच्चों को कथक नृत्य से अवगत कराया.
समापन समारोह का उद्घाटन क्षेत्रीय संगठन मंत्री अशोक तिवारी, मृदुला झा, अध्यक्ष निर्मल कुमार जालान, प्रो. प्रभात कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया. मृदुला झा ने कहा कि संगीत मनुष्य के मन और तन का वह संवाद है जो मानव और मानवता तक पहुंचता है. प्रो. प्रभात ने कहा कि मानव वह महासागर है जिसकी कोई सीमा नहीं है.
जिसके अनंत प्रभाव ने हमे आत्मीय आनंद की गतिमान अनुभूति प्राप्त होती है. निर्मल जालान ने कहा कि संगीत और नृत्य मानसिक व शारीरिक साधनामयी वह पूजा है. जिसकी पूर्णता में अलौकिक आनंद की प्राप्ति होती है. सरोज कुमार ने कहा कि आज संगीत और नृत्य हमारी जरूरत है. कला मनुष्य को पशुता से देवत्व की ओर ले जाता है. मौके पर चंदन कुमार, संगीता कुमारी, मंजुला शुक्ला, सुदेश कुमार, संजय पोद्दार सहित अन्य मौजूद थे.
