मुंगेर: भाकपा माओवादी द्वारा आहूत तीन दिवसीय बंदी के दूसरे दिन शनिवार को नक्सल प्रभावित खड़गपुर, टेटियाबंबर एवं संग्रामपुर में वाहनों का परिचालन बुरी तरह प्रभावित हुआ. गंगटा-संग्रामपुर एवं खड़गपुर-जमुई मार्ग में वाहनों का परिचालन ठप रहा. जबकि संग्रामपुर में बैंक भी बंद रहे. दूसरी ओर धरहरा में बंदी का कोई असर नहीं देखा गया. संग्रामपुर प्रतिनिधि के अनुसार भाकपा माओवादी द्वारा घोषित तीन दिवसीय बिहार-झारखंड बंद के दूसरे दिन बंद असरदार रहा.
बाजार एवं सरकारी कार्यालय खुले थे. परंतु सड़कों पर वाहनों का परिचालन पूरी तरह बंद था. नक्सली बंदी की घोषणा के साथ संग्रामपुर में बैंक की पूर्ण बंदी का असर इस बार लोगों को ङोलनी पड़ी. शादी-ब्याह की तैयारियों में लगे लोग बैंक आकर लगातार दूसरे दिन निराश वापस लौटे.
वहीं पेट्रोल पंप भी बंद रहे. जिसके कारण मोटर साइकिल चालक व प्राइवेट वाहन चालक काफी परेशान रहे. जबकि खुदरा पेट्रोल बेचने वाले दुकान पर दुपहियां वाहनों की भीड़ लगी थी. टेटियाबंबर प्रतिनिधि के अनुसार नक्सली बंदी का असर क्षेत्र में वाहन परिचालन पर दिखायी दिया. टेटियाबंबर-हवेली खड़गपुर, टेटियाबंबर -संग्रामपुर, गंगटा-हवेली खड़गपुर, गंगटा-संग्रामपुर व गंगटा-जमुई मुख्य मार्ग में छिटपुट यात्री व मालवाहक वाहनों का परिचालन दिखाई दिया. जबकि टेटियाबंबर, गंगटा मोड़ एवं रहिपुरा में दुकानें खुली रही. हालांकि नक्सली बंदी के दौरान विभिन्न मार्गो में गंगटा एवं टेटियाबंबर थाना पुलिस गश्त लगाती रही. हवेली खड़गपुर प्रतिनिधि के अनुसार नक्सली बंदी का असर खड़गपुर में आंशिक असर देखा गया. बाजार एवं हाट जहां अन्य दिनों की भांति खुली रही. वहीं खड़गपुर के विभिन्न मार्गो पर यात्री वाहनों का परिचालन प्रभावित रहा. इक्के -दुक्के वाहनों का परिचालन ही इस मार्ग पर होता रहा.
