आत्म कल्याण के लिए भगवान शिव को बनना पड़ा गुरु : सुरेश बाबा

फोटो संख्या : 3फोटो कैप्सन : प्रवचन करते सुरेश बाबा प्रतिनिधि, बरियारपुर बरियारपुर प्रखंड के ब्रह्मस्थान में शनिवार को सत्संग का आयोजन किया गया. सत्संग में सुरेश बाबा ने कहा कि सद्गुरु सभी जीवों के लिए अनिवार्य है और इसके बिना सच्ची ज्ञान की प्राप्ति नहीं हो सकती है. उन्होंने कहा कि आत्म कल्याण के […]

फोटो संख्या : 3फोटो कैप्सन : प्रवचन करते सुरेश बाबा प्रतिनिधि, बरियारपुर बरियारपुर प्रखंड के ब्रह्मस्थान में शनिवार को सत्संग का आयोजन किया गया. सत्संग में सुरेश बाबा ने कहा कि सद्गुरु सभी जीवों के लिए अनिवार्य है और इसके बिना सच्ची ज्ञान की प्राप्ति नहीं हो सकती है. उन्होंने कहा कि आत्म कल्याण के लिए भगवान शिव को गुरु बनना पड़ा. भक्ति ही जीवों की सुंदरता है. भगवान शिव ने आत्म कल्याण के लिए अंगीराज ऋषि व अगस्त ऋषि को भगवान राम ने वशिष्ठ, विश्वामित्र व बाल्मिकी को और भगवान श्रीकृष्ण ने शंगीपद मुनि, दुर्वाशा मुनि व गर्ग मुनि को अपना गुरु बनाया और आत्म ज्ञान की प्राप्ति की. सत्संग प्रभु का निजी अंत है जो संसार के भवसागर को पार करने का साधन है. उन्होंने कहा कि भगवान सृष्टिकर्ता हैं और उसके बिना सृष्टि की कल्पना नहीं की जा सकती. मौके पर बबलू पंडित, महेंद्र मंडल, लाले पंडित, शांति देवी, मीना देवी, सत्यप्रभा देवी, मुन्नी देवी, प्रभात कुमार, प्रदीप पासवान सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे.

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