बुजुर्ग भार नहीं सर्वोत्कृष्ट धरोहर

प्रतिनिधि , मुंगेरमुंगेर जिला वरिष्ठ नागरिक मंच के अध्यक्ष नवल किशोर प्रसाद सिंह ने कहा कि बुजुर्ग भार नहीं बल्कि सर्वोत्कृष्ट धरोहर है. जिसे समाज को संजो कर रखना चाहिए. उन्होंने एक कार्यक्रम में कहा कि जिस संतान को पालने के लिए मां-बाप सारी उम्र जी तोड़ कड़ी मेहनत कर अपना खून-पसीना बहाते रहे. जिसके […]

प्रतिनिधि , मुंगेरमुंगेर जिला वरिष्ठ नागरिक मंच के अध्यक्ष नवल किशोर प्रसाद सिंह ने कहा कि बुजुर्ग भार नहीं बल्कि सर्वोत्कृष्ट धरोहर है. जिसे समाज को संजो कर रखना चाहिए. उन्होंने एक कार्यक्रम में कहा कि जिस संतान को पालने के लिए मां-बाप सारी उम्र जी तोड़ कड़ी मेहनत कर अपना खून-पसीना बहाते रहे. जिसके होठों पर मुस्कान देखने के लिए अपनी छोटी-छोटी आकांक्षाओं और सुखों का सहर्ष बलिदान करते रहे. एक दिन जब बड़ा होकर वही संतान अपने मां-बाप के बुढ़ापे की लाठी के सपने को चकनाचूर करता है तो यह सबसे बड़ा दुर्भाग्य है. उन्होंने कहा कि बुजुर्गों को क्रूरता से हासिये पर धकेलने वाली संतानों पर कानूनी शिकंजा कसने एवं वरिष्ठ नागरिकों को प्रभावी देखभाल व पूर्ण सुरक्षा करने के लिए सरकार प्रयासरत है. ऐसे करने वाले संतानों को संपत्ति से बेदखल करने, सरकारी व सार्वजनिक क्षेत्र में नौकरियां न देने एवं सरकारी नौकरी में कार्यरत वैसे संतानों के वेतन काटकर उनके वृद्ध आश्रितों को देने का प्रावधान है. जिसे सरजमीं पर उतारना आज की जरूरत बन गयी है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >