निगरानी के हत्थे चढ़ते रहे हैं मुंगेर के रिश्वतखोर

मुंगेर : पिछले एक दशक के दौरान मुंगेर में आधे दर्जन रिश्वतखोर निगरानी विभाग के हत्थे चढ़ चुका है. जिसमें बैंक मैनेजर से लेकर कृषि पदाधिकारी शामिल है. सरकार अपने विज्ञापनों में भले ही बार-बार यह प्रकाशित करती है कि ‘‘ घुस के बल पर खड़ा मकान कभी भी तास के महल सा ढेर हो […]

मुंगेर : पिछले एक दशक के दौरान मुंगेर में आधे दर्जन रिश्वतखोर निगरानी विभाग के हत्थे चढ़ चुका है. जिसमें बैंक मैनेजर से लेकर कृषि पदाधिकारी शामिल है. सरकार अपने विज्ञापनों में भले ही बार-बार यह प्रकाशित करती है कि ‘‘ घुस के बल पर खड़ा मकान कभी भी तास के महल सा ढेर हो सकता है ’’. किंतु भ्रष्टाचार में लिप्त लोग सरकार के इन स्लोगनों पर ध्यान नहीं देते.
कभी कभार कुछ लोग निगरानी विभाग के हत्थे चढ़ जाते हैं लेकिन भ्रष्टाचार का सिलसिला कम नहीं हो रहा. पिछले एक दशक के दौरान मुंगेर में रहे जिला कृषि पदाधिकारी दिलीप कुमार, जिला देशी चिकित्सा पदाधिकारी, यूको बैंक के मुख्य शाखा प्रबंधक आरएन प्रसाद एवं निबंधन कार्यालय मुंगेर के कर्मचारी इंद्रदेव चौधरी को निगरानी विभाग की टीम ने रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया था.
शुक्रवार को भी मुंगेर के हेनीमैन होमियोपैथ मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ सरयुग कुमार को एक छात्र से 30 हजार रुपये लेते हुए गिरफ्तार किया गया. ऐसी बात नहीं है कि जो लोग रिश्वत लेते पकड़े गये हैं वे ही भ्रष्टाचार में लिप्त हैं. बल्कि रिश्वत तो आज आवश्यक हो गया है क्योंकि बिना उसके कोई काम नहीं होता.

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