मुंगेरवासियों के लिए रेलवे अंडर ब्रिज बना जी का जंजाल

मुंगेर : मुंगेर शहर से बरियारपुर-भागलपुर-सीताकुंड की ओर जाने वाले मुख्य मार्ग पूरबसराय में बना रेलवे अंडर ब्रिज शहरवासियों के लिए जी का जंजाल बन गया. शुक्रवार की शाम हुई भारी बारिश ने जहां इस आशंका को प्रबल कर दिया कि यह पुल बरसात के दिनों में आवागमन के लिए उपयुक्त नहीं हो सकता. शुक्रवार […]

मुंगेर : मुंगेर शहर से बरियारपुर-भागलपुर-सीताकुंड की ओर जाने वाले मुख्य मार्ग पूरबसराय में बना रेलवे अंडर ब्रिज शहरवासियों के लिए जी का जंजाल बन गया. शुक्रवार की शाम हुई भारी बारिश ने जहां इस आशंका को प्रबल कर दिया कि यह पुल बरसात के दिनों में आवागमन के लिए उपयुक्त नहीं हो सकता.

शुक्रवार की शाम हुई बारिश के कारण पुल के अंदर बने रास्ते में दो से ढ़ाई फिट पानी जमा हो गया और आवागमन पूरी तरह ठप हो गया. जो वाहन पुल के अंदर से निकलने का प्रयास किया वही अंदर में फंस गया. पैदल लोग तो कमर भर पानी में पुल से इस पार से उस पार निकल गये लेकिन साइकिल व मोटर साइकिल वाले भी पार नहीं कर सके. उन्हें दूसरे मार्ग में शहर से बाहर निकलने के लिए कई किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ा.

पूर्व से ही लोग इस बात से आशंकित थे कि यह पुल बरसात के दिनों में आवागमन के लिए चालू नहीं रह सकता. क्योंकि पूरबसराय का इलाका पहले से ही जलजमाव का क्षेत्र रहा है और यह पुल सड़क से लगभग 4-5 फिट नीचे हैं. जाहिर है कि पुल के अंदर का भाग पूरी तरह तालाब का रूप धारण कर लिया है.

अति महत्वपूर्ण मार्ग है पुरबसराय पूरबसराय शहर प्रवेश का मुख्य मार्ग है. भागलपुर, बरियारपुर, खड़गपुर, जमुई, सीताकुंड सहित अन्य मार्ग पर आवागमन इसी रास्ते होती है. छोटे मालवाहक वाहन, ट्रैक्टर, मैजिक वाहन, ऑटो, ट्रैकर, मोटर साइकिल व रिक्शा भी इसी मार्ग से आते-जाते हैं. जिसके लिए पुल काफी परेशानी का सबब बनने वाला है.

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