विकास की राह में हड़ताल का रोड़ा

मुंगेर: जिले में 400 महिला एवं 1600 पुरुष गृहरक्षक है जो विभिन्न कार्यालयों, थानों एवं अन्य जगहों पर तैनात है. आयुक्त, डीआइजी, डीएम, एसपी कार्यालय एवं आवास पर गृहरक्षक तैनात है. जबकि रेलवे विभाग में भी दर्जनों गृहरक्षक तैनात है. गृहरक्षकों से सुरक्षा के साथ ही अर्दली एवं चपरासी का भी काम लिया जा रहा […]

मुंगेर: जिले में 400 महिला एवं 1600 पुरुष गृहरक्षक है जो विभिन्न कार्यालयों, थानों एवं अन्य जगहों पर तैनात है. आयुक्त, डीआइजी, डीएम, एसपी कार्यालय एवं आवास पर गृहरक्षक तैनात है. जबकि रेलवे विभाग में भी दर्जनों गृहरक्षक तैनात है. गृहरक्षकों से सुरक्षा के साथ ही अर्दली एवं चपरासी का भी काम लिया जा रहा है.

थानेदार के साथ गृहरक्षक ही अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए जाते हैं. संघ के जिलाध्यक्ष दिवाकर कुमार ने बताया कि जिला नियंत्रण कक्ष में गृहरक्षक तैनात हैं. जबकि एएसपी का रीडर, मेजर का डे मुंशी भी गृहरक्षक ही हैं. साथ ही अंचल सह प्रखंड कार्यालय, सदर अस्पताल से लेकर रेल पुलिस एवं बिजली विभाग, बैंक, पोस्ट ऑफिस, पावर ग्रिड सहित दर्जनों सरकारी कार्यालय की सुरक्षा गृहरक्षक के हवाले है. लेकिन पिछले 21 दिनों से गृहरक्षकों के हड़ताल से सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है.

कहते हैं डीएम
डीएम अमरेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि होमगार्ड व संविदा स्वास्थ्यकर्मियों का हड़ताल राज्यस्तरीय है. जहां तक व्यवस्था का मामला है तो स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं रोजगार के क्षेत्र में किसी भी प्रकार की व्यवधान उत्पन्न नहीं हो रही है. सभी प्रकार की सेवा सुचारु रूप से उपलब्ध करायी जा रही है.

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