मुंगेर. जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से एडीआर भवन में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया. जिसका उद्घाटन जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह प्राधिकार के अध्यक्ष आलोक गुप्ता, एसपी सैयद इमरान मसूद व न्यायाधीशों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया. इस लोक अदालत में 2086 वादों का निष्पादन आपसी समझौता के आधार पर हुआ, जबकि 7 करोड़ 4 लाख 95 हजार रुपये का सेटलमेंट हुआ. जिला जज ने कहा कि लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक वादों का निष्पादन करना है. ताकि न्यायालय में लंबित वादों की संख्या कम हो सके. साथ ही लोगों को न्यायालय आने-जाने से होने वाली आर्थिक, मानसिक, शारीरिक परेशानी से निजात दिलाते हुए समय की बचत करना है. लोक अदालत में किसी की न तो हार होती है और न ही किसी की जीत होती है. विधिज्ञ संघ के अध्यक्ष शशिशेखर सिंह ने कहा कि सभी पक्षों को अहंकार त्याग कर खुले मन से लोक अदालत में सुलहनीय वादों में समझौता के लिए आगे बढ़ना चाहिए. सुनवाई के लिए 11 बैंच का गठन किया गया. सभी बैंचों के लिए न्यायिक पदाधिकारी की तैनाती की गयी. कुल 2845 वाद सुनवाई के लिए आये. इसमें 2086 वादों का निष्पादन आपसी समझौता के आधार पर हुआ. इसमें 668 शमनीय न्यायिक मामले एवं 1418 विवादपूर्व वाद शामिल थे. इस लोक अदालत में कुल 7 करोड़ 4 लाख 95 हजार 847 रुपये का समक्षौता किया गया. संचालन प्राधिकार के सचिव दिनेश कुमार ने किया. मौके पर जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम अमित रंजन उपाध्याय, विशेष न्यायाधीश उत्पाद प्रथम रूंपा कुमारी, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ कुमारी मनीषा, विधिज्ञ संघ के सचिव रानी कुमारी सहित अन्य मौजूद थे.
राष्ट्रीय लोक अदालत : 2086 वादों का हुआ निष्पादन, 7.05 करोड़ का सेलटमेंट
जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से एडीआर भवन में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया. जिसका उद्घाटन जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह प्राधिकार के अध्यक्ष आलोक गुप्ता, एसपी सैयद इमरान मसूद व न्यायाधीशों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया.
