मुंगेर : शहर के कासिम बाजार स्थित दक्षिणेश्वर महा निर्दोष कालिके मां साधना स्थल के संस्थापक श्यामदेव मिश्र ने बताया है कि इस बार धन्वंतरी पूजा का समय शुक्रवार की सुबह 8 बजे से रात्रि 8:30 बजे तक है. इस दौरान श्रद्धालु धन्वंतरी की पूजा-अर्चना कर सकते हैं.
उन्होंने बताया कि नरक चतुर्दशी पूजा भी 26 अक्तूबर को सुबह 8 बजे से रात्रि 8:30 बजे तक किया जा सकता है. बताया गया है कि धन्वंतरी आरोग्य के देवता हैं. आयुर्वेद के जनक, असाध्य रोग व मृत्यु से बचने की जयंती, धन की वृद्धि, सोना-पीतल रखने का दिन, स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने का स्मरणीय पर्वख् अमृत निर्माण का प्रयोगी प्रर्वतक, मानव जीवन के लिए प्रासंगिक और महत्वपूर्ण दिन धनतेरस का दिन होता है.
इस दिन समाज में बच्चे, बूढ़े, जवान सहित अन्य में श्रद्धा की सोच जागृत होती है. जबकि नरक चतुर्दशी के दिन यम के नाम का एक दीप दान करना चाहिए. यम मृत्यु के अधिपति हैं, वे वैदिक देवता द्वारा पूजे जाने वाले, अकाल मृत्यु से रक्षा के लिए अस्मरणीय क्षण आयु की वृद्धि कर अंदर की लौ को तेज रखने वाले तथा मृतात्माओं को शुभाशुभ कर्मों के निर्णायक बनकर फैसला सुनाने वाले देवता हैं.
