सात को होगा उप-महापौर सुनील राय के भाग्य का फैसला
मुंगेर : नगर निगम के उप-महापौर सुनील राय के भाग्य का फैसला सात सितंबर को होगा. कुर्सी बचाने के लिए उपमहापौर व उनके समर्थकों द्वारा लगातार प्रयास किया जा रहा है. लेकिन विपक्षी पार्षदों को तोड़ने में कामयाबी नहीं मिल सकी है. इसके कारण उपमहापौर की कुर्सी संकट में पड़ गयी है.... सात सितंबर को […]
मुंगेर : नगर निगम के उप-महापौर सुनील राय के भाग्य का फैसला सात सितंबर को होगा. कुर्सी बचाने के लिए उपमहापौर व उनके समर्थकों द्वारा लगातार प्रयास किया जा रहा है. लेकिन विपक्षी पार्षदों को तोड़ने में कामयाबी नहीं मिल सकी है. इसके कारण उपमहापौर की कुर्सी संकट में पड़ गयी है.
सात सितंबर को अविश्वास प्रस्ताव पर होगी चर्चा: उप-महापौर को कुर्सी से हटाने के लिए 32 पार्षदों ने अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए महापौर व् नगर आयुक्त को लिखित आवेदन दिया था. महापौर ने 25 अगस्त को नगर आयुक्त को पत्र भेजा.
बिहार नगरपालिका अविश्वास प्रस्ताव प्रक्रिया नियमावली 2010 के आलोक में नगर आयुक्त ने उप महापौर के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव पर विचार विमर्श के लिए सात सितंबर को बैठक बुलायी गयी. इसकी अध्यक्षता महापौर रूमा राज करेंगी.
कुर्सी को बचाने की हो रही जद्दोजहद: कुर्सी के खेल में पार्षदों की पूछ इन दिनों काफी बढ़ गयी है. उप-महापौर सुनील राय अपनी कुर्सी बचाने के जद्दोजहद कर रहे हैं.
सुनील राय राजद का नेता हैं और उनकी कुर्सी बचाने के लिए राजद भी लगा हुआ है. उनके समर्थकों द्वारा लगातार विक्षुब्ध पार्षदों से संपर्क स्थापित किया जा रहा है. समर्थक पार्षदों के परिवार व उनके हितैषी पर ही दबाव बनाया जा रहा है. साथ ही पार्षदों की बोली भी लगने लगी है. दोनों ओर से पार्षदों को गोलबंद किया जा रहा है. विपक्षी पार्षद पूरी तरह गोलबंद हैं .
32 वार्ड पार्षदों ने उपमहापौर पर अविश्वास लाने का दिया था आवेदन: मुंगेर नगर निगम में कुल 45 पार्षद हैं. इसमें से 32 पार्षदों ने प्रमंडलीय आयुक्त, डीएम, महापौर, नगर आयुक्त को आवेदन देकर उप महापौर पर अविश्वास प्रस्ताव लाने का अनुरोध किया था.
इसमें पार्षदों ने उपमहापौर के अमर्यादित, अविवेकपूर्ण व असंवैधानिक रवैये से तंग आकर उनके विरुद्ध अविश्वास व्यक्त करते हुए विशेष बैठक बुलाने की मांग की. पार्षदों ने आरोप लगाया है कि पिछले कुछ समय से पार्षदों व नगर निगम के कार्यों के विरुद्ध उपमहापौर का आचरण व व्यवहार गलत रहा है, वे अपनी मनमानी कर गैरजरूरी बंदिशें लगाकर नगर निगम के कार्य एवं सरकार प्रायोजित सभी योजनाओं में अवरोध डाल रहे हैं.
