मुंगेर : सूर्य ग्रहण के बाद अब 16 जुलाई मंगलवार को साल का दूसरा चंद्र ग्रहण लगेगा. इस बार यह चंद्रग्रहण गुरु पूर्णिमा के दिन 16 जुलाई को लगेगा. ऐसा दुर्लभ योग 149 साल बाद बन रहा है. इससे पहले 1870 में ऐसा दुर्लभ योग देखने को मिला था. विशेषज्ञों के अनुसार इस चंद्रग्रहण के दौरान लोगों को थोड़ी सावधानी बरतने की जरूरत है.
3 घंटे का रहेगा चंद्रग्रहण
खास बात यह है कि इस बार यह चंद्रग्रहण भारत में भी दिखाई देगा. जबकि पिछले दिनों लगा सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं दिया था. यह चंद्रग्रहण पूरे तीन घंटे तक रहेगा. 16 जुलाई की रात करीब 1:30 बजे से ग्रहण शुरू हो जाएगा. इसका मोक्ष 17 जुलाई की सुबह करीब 4:30 बजे होगा. हिन्दू धर्म में ग्रहण को काफी महत्व दिया जाता है.
हिंदू पंचांग की मानें तो इस बार चंद्रग्रहण आषाढ़ शुक्ल पूर्णिमा को उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में लग रहा है. यह चंद्रग्रहण खंडग्रास चंद्रग्रहण कहा जायेगा. ग्रहण को लेकर कई तरह की मान्यताएं भी प्रचलित हैं. जिस पर गौर करते हुए लोगों को इस दौरान थोड़ा सावधान रहने की जरूरत है. हालांकि विज्ञान इस तरह के मान्यताओं से कोई वास्ता नहीं रखता है.
ग्रहण को लेकर प्रचलित हैं कुछ नियम
ग्रहण के दौरान अन्न-जल ग्रहण एवं स्नान नहीं करना चाहिए.
ग्रहण को कभी भी खुली आंख से नहीं देखना चाहिए. इसका आंखों पर बुरा असर पड़ता है.
ग्रहण के समय मंत्रों का जाप किया जा सकता है.
ग्रहण पर लाभ पाने के लिए करें ये उपाय
यदि घर में कोई लंबे समय से बीमार है तो ग्रहण के बाद घी और खीर से हवन आदि करने से लाभ होता है.
चंद्रमा कमजोर स्थिति में है तो ‘ऊं चंद्राय नम:’ मंत्र का जाप करने से लाभ मिलेगा.
ग्रहण के दौरान प्राणायाम और व्यायाम करना चाहिए, सोच को सकारात्मक रखना चाहिए.
चंद्रग्रहण समाप्त होने के बाद घर में शुद्धता के लिए गंगाजल का छिड़काव करना चाहिए.
स्नान के बाद भगवान की मूर्तियों को स्नान करा उनकी पूजा करें.
जरूरतमंद व्यक्ति और ब्राह्मणों को अनाज का दान करना चाहिए.
