नाला, पीपीसी सड़क व प्याऊ निर्माण के चक्कर में बड़ी परियोजनाओं को भूल गयी निगम प्रशासन

नगर निगम प्रशासन शहरी विकास के नाम पर नाली-गली, पीसीसी सड़क, प्याऊ निर्माण में व्यस्त है. इस पर प्रतिवर्ष करोड़ों रुपये खर्च किये जा रहे, लेकिन शहर की बड़ी परियोजनाएं निगम के फाइलों में ही दम तोड़ रही है.

उदासीनता. सम्राट अशोक भवन, एमआरएफ सेंटर, विद्युत शवदाह गृह परियोजनाओं पर ग्रहण

मुंगेर. नगर निगम प्रशासन शहरी विकास के नाम पर नाली-गली, पीसीसी सड़क, प्याऊ निर्माण में व्यस्त है. इस पर प्रतिवर्ष करोड़ों रुपये खर्च किये जा रहे, लेकिन शहर की बड़ी परियोजनाएं निगम के फाइलों में ही दम तोड़ रही है. इस कारण सरकार की घोषित परियोजनाओं का लाभ शहरवासियों को नहीं मिल पा रही है. शहर में बनने वाले सम्राट अशोक भवन, एमआरएफ सेंटर व विद्युत शवदाह गृह धरातल पर उतर नहीं पायी.

फाइलों में घूम रही 13.27 करोड़ की एमआरएफ परियोजना

मुंगेर शहर के चुरंबा स्थित डंपिंग यार्ड में 13.27 करोड़ रुपये की लागत से 4 एकड़ से अधिक भूमि पर एक अत्याधुनिक मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) सेंटर का निर्माण किया जाना है. सितंबर 2023 में घनी आबादी से डंपिंग यार्ड स्थानांतरित करने और कचरा प्रबंधन के लिए चुरंबा स्थित डंपिंग यार्ड में मेटेरियल रिकवरी फैसलिटी (एमआरएफ) सेंटर स्थापित करने की योजना बनायी गयी थी, लेकिन तीन साल बाद भी परियोजना प्रारंभ नहीं हई. आज भी यह परियोजना नगर निगम मुंगेर के फाइलों में ही घूम रही है, जबकि नगर विकास व आवास विभाग भी इस पर ध्यान नहीं दे रही है.

वर्षों से अटका पड़ा है सम्राट अशोक भवन परियोजना

नगर विकास व आवास विभाग ने मुंगेर नगर निगम क्षेत्र में सम्राट अशोक भवन निर्माण के लिए स्वीकृति प्रदान किया था. जिस पर 1.60 करोड़ से अधिक राशि खर्च किया जाता. इस भवन का निर्माण 1500 वर्गफीट में होना है. वर्ष 2018 से ही मुंगेर में इस भवन के निर्माण की बात कही जा रही है. इस भवन निर्माण के लिए वर्ष 2018 में निगम प्रशासन ने गड़ैया मार्केट कौड़ा मैदान की परती जमीन का चयन किया गया. बाद में इसके लिए जमीन कस्तूरबा वाटर वर्क्स में चयनित की गयी है, जबकि दूसरी जमीन उपेंद्र ट्रेनिंग स्कूल के समीप खास महाल की जमीन का चयन किया गया है. इस भवन के निर्माण का उद्देश्य आम लोगों को शादी-विवाह और अन्य सामाजिक आयोजनों के लिए कम शुल्क पर आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है. यह भवन केवल एक आयोजन स्थल नहीं, बल्कि सहारा है जो गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को अनावश्यक खर्चों से बचायेगा और उनकी खुशियों में चार चांद लगायेगा, लेकिन आठ वर्ष बीत जाने के बाद भी सम्राट अशोक भवन निर्माण की योजनाओं निगम कार्यालय में धूल फांक रही है.

अटकी पड़ी है नये विद्युत शवदाह गृह निर्माण की परियोजना

मुंगेर के लालदरवाजा श्मशान घाट पर 3.90 करोड़ की लागत से आधुनिक मुक्तिधाम (शवदाह गृह) बनाया जाना था. यहां एक यूनिट विद्युत चालित शवदाह गृह का निर्माण होना था, जबकि एक जोड़ा लकड़ी वाला शवदाह गृह बनाया जाना था. उसी शवदाह गृह में वहां कार्यरत कर्मी के रहने की व्यवस्था होनी थी. सामुदायिक शौचालय, स्नानागार और अन्य सुविधा का भी विकास किया जाना था. निविदा की प्रक्रिया पूरी करते हुए वर्ष 2023 में ही बिहारशरीफ के चयनित एजेंसी पूजा कंसट्रक्शन को कार्यादेश भी जारी कर दिया गया था, लेकिन जब एजेंसी के प्रतिनिधि मुंगेर पहुंचे और जिस जमीन पर श्मशान घाट का निर्माण किया जाना था उस जमीन का एनओसी मांगा तो मामला अटक गया. आज तक यह मामला अटका पड़ा है.

अधूरी पड़ी है कष्टहरणी घाट जीर्णोद्धार व सौंदर्यीकरण की परियोजना

मुंगेर के ऐतिहासिक कष्टहरणी गंगा घाट का जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण लगभग 3.89 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है. इस परियोजना में सीढ़ी घाट, चेंजिंग रूम, लाइटिंग, और पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित की जायेगी. सरकार इस पौराणिक स्थल को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित कर रही है. नगर निगम मुंगेर के संवेदक ने कष्टहरणी घाट पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया. सीढ़ियों को तोड़ कर समतलीकरण कार्य शुरू किया. इस परियोजना की घोषणा सीएम नीतीश कुमार ने 5 फरवरी 2025 को प्रगति यात्रा पर मुंगेर पहुंचने की थी और 19 मार्च 2026 को उन्होंने समृद्धि यात्रा पर मुंगेर पहुंचने पर कष्टहरणी घाट पहुंच कर कार्य का स्थलीय निरीक्षण किया था. सीएम के जाने के बाद से यहां निर्माण कार्य पूरी तरह से ठप पड़ा हुआ है.

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By RANA GAURI SHAN

RANA GAURI SHAN is a contributor at Prabhat Khabar.

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