Motihari : मन आत्मा और शरीर में संतुलन बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है योग विद्या

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर केविवि के सेहत केंद्र द्वारा "एक पृथ्वी एक स्वास्थ्य के लिए योग " विषय पर व्याख्यान का आयोजन किया गया.

Motihari : मोतिहारी. अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर केविवि के सेहत केंद्र द्वारा “एक पृथ्वी एक स्वास्थ्य के लिए योग ” विषय पर व्याख्यान का आयोजन किया गया. कार्यक्रम के संरक्षक केविवि के कुलपति प्रो. संजय श्रीवास्तव रहे. कार्यक्रम के विशिष्ट वक्ता बीआरए बिहार विश्वविद्यालय, मुजफ्फरपुर के संस्कृत विभाग के सहायक आचार्य डॉ. मनीष कुमार झा ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2025 की थीम “एक पृथ्वी एक स्वास्थ्य के लिए योग ” विषय पर अपना वक्तव्य दिया. उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति योग की संस्कृति रही है और यह योग संपूर्ण मानव समाज के लिए है. इसलिए इस योग का पालन सभी मनुष्यों के लिए उपादेय है. उन्होंने यह भी कहा कि योग चिकित्सा पद्धति नहीं बल्कि जीवन शैली है. मन आत्मा और शरीर में संतुलन बनाए रखने के लिए योग विद्या अत्यंत महत्वपूर्ण है. मानव जीवन के आध्यात्मिक और भौतिक लक्ष की सम्पूर्ति हेतु शरीर अत्यंत महत्वपूर्ण है. इस अवसर पर विश्वविद्यालय के डॉ गोविंद प्रसाद वर्मा तथा सेहत केंद्र के समन्वयक डॉ. बबलू पाल , विभिन्न विभागों के शोध छात्र एवं विद्यार्थी उपस्थित थे.

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Author: AMRITESH KUMAR

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