Urea Black Marketing: मोतिहारी जिले में यूरिया की कालाबाजारी और अवैध बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए जिला कृषि विभाग ने कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है. जिला कृषि पदाधिकारी मनीष कुमार ने जिले के सभी प्रखंड कृषि अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि 19 जुलाई 2026 को पॉश (PoS) मशीन के जरिए एक दिन में 100 बोरा से अधिक यूरिया बेचने वाले खुदरा उर्वरक विक्रेताओं की तत्काल भौतिक जांच की जाए.
एक ही दिन में भारी बिक्री से बढ़ी संदेह की सुई
विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, 19 जुलाई को जिले के विभिन्न प्रखंडों में कई दुकानदारों ने 100 बोरा से अधिक यूरिया की बिक्री दर्ज की है. विभाग ने इस अत्यधिक बिक्री को संदेहास्पद मानते हुए कालाबाजारी और नियमों के उल्लंघन की आशंका जताई है. इस संबंध में आदापुर, अरेराज, चकिया, छौड़ादानो, ढाका, मोतिहारी, पहाड़पुर, पकड़ीदयाल, रक्सौल, सुगौली सहित जिले के 21 प्रखंडों के कृषि अधिकारियों को जांच का जिम्मा सौंपा गया है.
22 जुलाई तक देनी होगी रिपोर्ट, धांधली पर होगी कार्रवाई
- स्टॉक मिलान: दुकान में उपलब्ध यूरिया के स्टॉक, पॉश (PoS) मशीन के रिकॉर्ड और बिक्री पंजी का भौतिक मिलान किया जाए.
- भूमि सत्यापन: जिन खरीदारों को खाद बेची गई है, उनकी कृषि योग्य भूमि का सत्यापन किया जाए और जरूरत पड़ने पर किसानों से सीधा संवाद हो.
- कार्रवाई: यदि किसी भूमिहीन व्यक्ति को यूरिया बेचे जाने या कालाबाजारी की पुष्टि होती है, तो संबंधित विक्रेता के खिलाफ कड़ी रिपोर्ट तैयार कर 22 जुलाई 2026 तक जिला कार्यालय को भेजी जाए.
विभाग के इस कड़े रुख से जिले के उर्वरक विक्रेताओं में हड़कंप मच गया है. प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यूरिया की कृत्रिम किल्लत को रोकना और वास्तविक किसानों को उचित मूल्य पर खाद उपलब्ध कराना है.
