Motihari News: धान अधिप्राप्ति वर्ष 2025-26 के तहत बचे हुए कस्टम मिल्ड राइस (CMR) की शत-प्रतिशत वसूली के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है. जिला सहकारिता भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में राइस मिलरों और पैक्स समिति अध्यक्षों को 26 जुलाई तक हर हाल में बकाया CMR सरकारी गोदामों में जमा करने का अल्टीमेटम दिया गया.
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि तय समयसीमा के बाद लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
बैठक में अधिकारियों ने दी सख्त चेतावनी
शनिवार को आयोजित बैठक की अध्यक्षता जिला सहकारिता पदाधिकारी (DCO) प्रिंस कुमार अनुपम और एसएफसी मैनेजर निखिल कुमार ने की.
बैठक में सभी राइस मिलरों और पैक्स अध्यक्षों को बचे हुए CMR का उठाव और जमा करने की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया गया.
अभी 7 प्रतिशत CMR की वसूली बाकी
डीसीओ प्रिंस कुमार अनुपम ने बताया कि जिले में धान अधिप्राप्ति लक्ष्य के मुकाबले अब तक 93 प्रतिशत CMR एसएफसी गोदामों में जमा कराया जा चुका है.
हालांकि 7 प्रतिशत CMR अभी भी लंबित है. जिले की 137 समितियों के पास कुल 230 लॉट CMR का बकाया है, जिसे जल्द से जल्द जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं.
27 जुलाई से होगा गोदामों का भौतिक सत्यापन
हालांकि विभागीय स्तर पर CMR जमा करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई निर्धारित है, लेकिन जिला प्रशासन ने पारदर्शिता और समयबद्ध कार्रवाई के लिए 26 जुलाई की डेडलाइन तय की है.
अधिकारियों ने बताया कि जो समितियां इस तिथि तक बकाया CMR जमा नहीं करेंगी, उनके गोदामों का 27 जुलाई से सघन भौतिक सत्यापन शुरू किया जाएगा.
गड़बड़ी मिलने पर दर्ज होगी प्राथमिकी
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि सत्यापन के दौरान यदि सरकारी अभिलेखों के अनुसार धान या CMR की मात्रा में किसी प्रकार की कमी पाई जाती है, तो इसे गबन का मामला माना जाएगा.
ऐसी स्थिति में संबंधित पैक्स समिति, बकायेदार समिति और पैक्स अध्यक्ष के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
