Motihari News: प्रखंड के उचिभटिया गांव में तिलावे नदी का तटबंध टूटने से किसानों को भारी नुकसान हुआ है. तटबंध टूटने के बाद पानी खेतों में फैल गया, जिससे सैकड़ों एकड़ में लगी धान की फसल और बिचड़ा बर्बाद हो गया. वहीं करीब 50 एकड़ कृषि भूमि में बालू भर जाने से खेती पर भी संकट गहरा गया है.
स्थानीय लोगों के अनुसार कई खेत पानी से भरकर तालाब जैसे नजर आने लगे हैं.
सुइस गेट की सफाई नहीं होने से बढ़ी समस्या
ग्रामीणों का कहना है कि लघु सिंचाई विभाग की ओर से लगाए गए सुइस गेट की समय पर सफाई नहीं कराई गई. गेट पर जलकुंभी और गाद जमा होने के कारण बारिश का पानी बाहर नहीं निकल सका.
इसके बाद पानी का दबाव बढ़ने से तटबंध टूट गया और आसपास के खेतों में तेज बहाव के साथ पानी फैल गया.
अधिकारियों ने किया निरीक्षण, कार्रवाई का इंतजार
घटना के बाद प्रखंड स्तरीय अधिकारी, रक्सौल एसडीओ, मनरेगा विभाग और लघु सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया.
हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि अब तक सरकारी स्तर पर तटबंध की मरम्मत का काम शुरू नहीं कराया गया है.
मुखिया ने लगाया लापरवाही का आरोप
मंगलपुर पटनी पंचायत के मुखिया अशोक कुमार सिंह ने बताया कि तटबंध टूटने से पटनी, शिवनगर और बैरिया के बड़े इलाके में जलजमाव हो गया है, जिससे किसानों की फसल बर्बाद हुई है.
उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित विभागों की ओर से तटबंध की मरम्मत नहीं कराई गई. इसके बाद निजी कोष से तिलावे नदी के सुइस गेट की जलकुंभी साफ कराने और तटबंध की मरम्मत का काम शुरू कराया गया है, जिसमें स्थानीय ग्रामीण भी सहयोग कर रहे हैं.
किसानों को राहत का इंतजार
तटबंध टूटने से प्रभावित किसानों को अब सरकारी सहायता और तटबंध की स्थायी मरम्मत का इंतजार है. ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते मरम्मत और जल निकासी की व्यवस्था नहीं हुई तो आने वाले दिनों में खेती को और अधिक नुकसान हो सकता है.
