Motihari Education News: मोतिहारी सदर क्षेत्र के सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की समय पर उपस्थिति और गुणवत्तापूर्ण पठन-पाठन सुनिश्चित करने के लिए शिक्षा विभाग ने सख्ती बढ़ा दी है. विभाग ने स्पष्ट किया है कि सभी शिक्षकों को निर्धारित समय पर विद्यालय पहुंचकर नियमित रूप से कक्षाओं का संचालन करना होगा.
विभाग के अनुसार, अनियमित उपस्थिति या पढ़ाई की गुणवत्ता में कमी की शिकायत मिलने पर संबंधित शिक्षक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी.
शिक्षकों के लिए तय किया गया पूरा समय
शिक्षा विभाग की ओर से जारी समय-सारणी के अनुसार शिक्षकों को प्रतिदिन सुबह 9:30 बजे तक विद्यालय पहुंचना अनिवार्य होगा.
सुबह 10 बजे से कक्षाओं का संचालन शुरू होगा. दोपहर 12:40 बजे से 1:20 बजे तक मध्याह्न भोजन और लंच का समय निर्धारित किया गया है. इसके बाद फिर से पठन-पाठन शुरू होगा और शाम 4 बजे छात्र-छात्राओं के साथ शिक्षकों की भी छुट्टी होगी.
बीईओ ने दिए सख्त निर्देश
मोतिहारी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी अफरोज आलम ने बताया कि शिक्षा विभाग की ओर से जारी समय-सारणी का सभी विद्यालयों में पालन करना अनिवार्य है.
उन्होंने कहा कि शिक्षकों की नियमित उपस्थिति, समय पर कक्षाओं का संचालन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित की जाएगी. यदि किसी विद्यालय से लापरवाही या अनियमितता की शिकायत मिलती है तो संबंधित शिक्षक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी.
एसएमसी की जिम्मेदारी भी बढ़ी
विभाग के अनुसार, प्रत्येक सरकारी विद्यालय की स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) शिक्षकों की उपस्थिति, छात्रों की नियमित पढ़ाई, मध्याह्न भोजन, साफ-सफाई और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों की निगरानी करेगी.
यदि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो समिति इसकी सूचना शिक्षा विभाग को दे सकती है.
अभिभावकों से भी सहयोग की अपील
शिक्षा विभाग ने अभिभावकों से भी बच्चों की पढ़ाई पर नियमित नजर रखने की अपील की है. अभिभावक बच्चों से विद्यालय में पढ़ाई, शिक्षकों की उपस्थिति और दिए जाने वाले गृहकार्य की जानकारी लेते रहें.
यदि किसी विद्यालय में पढ़ाई प्रभावित हो रही हो या किसी प्रकार की अनियमितता दिखाई दे तो इसकी सूचना स्कूल प्रबंधन समिति, प्रधानाध्यापक या प्रखंड शिक्षा कार्यालय को देने की सलाह दी गई है.
विभाग का मानना है कि शिक्षक, अभिभावक और स्कूल प्रबंधन समिति की सक्रिय भागीदारी से सरकारी विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता में प्रभावी सुधार लाया जा सकता है.
