मोतिहारी से अमरेश सिंह की रिपोर्ट
Sugauli CHC: पूर्वी चंपारण जिले के सुगौली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) से स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर खामियों की तस्वीर सामने आई है. सड़क हादसे में घायल मरीजों के प्राथमिक उपचार के दौरान अस्पताल में फ्रैक्चर के लिए आवश्यक स्प्लिंट उपलब्ध नहीं होने का मामला सामने आया. आरोप है कि चिकित्सकों को मजबूरी में घायल के टूटे पैर को स्थिर रखने के लिए कार्डबोर्ड (कार्टन) काटकर पट्टी बांधनी पड़ी.
घायल मरीजों के इलाज के दौरान सामने आई कमी
जानकारी के अनुसार, सुगौली थाना क्षेत्र में एक टेंपो और पिकअप वैन के बीच आमने-सामने की टक्कर में चार लोगों की मौत हो गई थी, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से घायल हुए थे. सभी घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए सुगौली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया.
जांच के दौरान चिकित्सकों ने पाया कि दो घायलों के पैर में गंभीर फ्रैक्चर है. ऐसे मामलों में हड्डी को स्थिर रखने के लिए स्प्लिंट लगाना जरूरी होता है, लेकिन परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में यह बुनियादी चिकित्सा उपकरण उपलब्ध नहीं था.
स्प्लिंट नहीं होने पर कार्डबोर्ड से किया प्राथमिक उपचार
परिजनों के अनुसार, स्प्लिंट उपलब्ध नहीं होने के कारण चिकित्सकों ने अस्पताल परिसर में पड़े कार्डबोर्ड को काटकर घायल के पैर पर बांधा और उसके ऊपर पट्टी लपेटकर प्राथमिक उपचार किया. इस तस्वीर के सामने आने के बाद सरकारी अस्पतालों की तैयारियों और संसाधनों पर सवाल उठने लगे हैं.
सिविल सर्जन ने कहा- दोषियों पर होगी कार्रवाई
मामले के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने इसे गंभीरता से लिया है. सिविल सर्जन डॉ. दिलीप कुमार ने कहा कि प्रथम दृष्टया मरीज के उपचार में लापरवाही प्रतीत होती है, जो स्वीकार्य नहीं है.
उन्होंने बताया कि वह स्वयं सुगौली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के निरीक्षण के लिए निकल चुके हैं. जांच रिपोर्ट के आधार पर जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी.
स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल
घटना ने सरकारी अस्पतालों में बुनियादी चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराना स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी है, ताकि आपात स्थिति में मरीजों को बेहतर उपचार मिल सके.
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